पर्वतारोहण एक मुश्किल खेल है और यह तब और भी मुश्किल हो जाता है जब एक चौदह साल का बच्चा खेलने वाला एक 14 साल का बच्चा हो. हालांकि, 14 वर्षीय आर्यन बालाजी का अंटार्कटिका में माउंट विंसन पर चढ़ना और सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बनकर विश्व रिकॉर्ड तोड़ना अभी बाकी है. उनकी यह यात्रा जनवरी, 2020 में शुरू होगी.
आर्यन ने छह साल की उम्र से ही पर्वतारोहण शुरू कर दिया था. आर्यन के पिता सीडीआर बालाजी भारतीय नेवी में अधिकारी और पर्वतारोही हैं. आर्यन को पर्वतारोहण की प्रेरणा अपने पिता से मिली है.
14 साल की उम्र में ही आर्यन को कई अवॉर्ड और पुरस्कार मिल चुके हैं. आर्यन माउंट एवरेस्ट बेस कैंप, तंजानिया में माउंट किलीमाजरो, रूस में माउंट एल्ब्रस, नेपाल में तीन उच्चतम दर्रे और लेह में कांग यात्से के लिए सबसे कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा करते हैं.
ट्रेनिंग पर और ज्यादा ध्यान दे रहा हूं...
पढ़ाई भी बेहद अहम है...
लेकिन, पढ़ाई भी बेहद अहम है जो आर्यन की मां रिक्की बालाजी देखती हैं. उनका कहना है, "चूंकि आर्यन के पिता उसके वर्कआउट की देखभाल करते हैं, इसलिए मुझे उसकी पढ़ाई और उसके जुनून के बीच संतुलन को लेकर ध्यान देना होता है. वह सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करता है. उसके दोस्त भी बहुत मददगार हैं."क्या आर्यन के पर्वतारोहण को लेकर उन्हें डर नहीं लगता, यह पूछे जाने पर वे कहती हैं, 'बेशक, एक मां होने के नाते अपने बच्चे को -45 डिग्री सेल्सियस तापमान में पर्वतारोहण करते देखना काफी कठिन है, क्योंकि यह खतरनाक भी है. लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि आर्यन अपने देश के लिए अपनी क्षमता को मजबूत कर लेगा.'
प्रशस्ति शांडिल्य