मिलिट्री पुलिस में हर साल शामिल होंगी 100 महिला सैनिक, दिसंबर से ट्रेनिंग

भारतीय सेना की हर साल मिलिट्री पुलिस में 100 महिला सैनिकों की भर्ती करने की योजना है. पहले बैच की भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया जारी है. इसी साल दिसंबर में पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी.

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महिला सैनिक (Photo- India Today) महिला सैनिक (Photo- India Today)

अभि‍षेक भल्ला

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:18 PM IST

  • सेना में महिला सैनिकों की भर्ती की योजना
  • हर साल 100 महिला सैनिकों की होगी भर्ती
  • दिसंबर में पहले बैच की ट्रेनिंग होगी शुरू

भारतीय सेना की हर साल मिलिट्री पुलिस में 100 महिला सैनिकों की भर्ती करने की योजना है. मकसद अगले 17 साल में मिलिट्री पुलिस के लिए 1700 महिला सैनिकों को तैयार करना है.  

100 महिला सैनिकों के पहले बैच की भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया जारी है. इसी साल दिसंबर में पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी.  इन महिला सैनिकों की ट्रेनिंग पुरुष सैनिकों के समान ही 61 हफ्ते में पूरी होगी.  

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सूत्रों ने बताया कि मिलिट्री पुलिस में महिला सैनिकों की संख्या 1700 तक ले जाने की योजना है. इस संख्या की भविष्य में समीक्षा की जा सकती है.

सूत्रों के मुताबिक अगर कभी मेडिकल या अन्य कारणों से महिला सैनिकों की संख्या में कमी आती है तो अगले साल होने वाली भर्ती में संख्या बढ़ाकर उसे स्थिर रखा जा सकता है.  

मिलिट्री पुलिस में महिलाओं की भागीदारी सशस्त्र सेनाओं में लैंगिक भेदभाव की शिकायतों को दूर करने की दिशा में भी बड़ा कदम होगी.

अभी तक सेना से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों में महिलाएं सिर्फ अधिकारियों के रूप में जुड़ी थीं, लेकिन अब पहली बार महिलाओं की भर्ती सैनिक के तौर पर होंगी. अभी तक महिलाओं की सिर्फ अधिकारी के तौर पर मेडिकल, शिक्षा, विधि, सिग्नल्स और इंजीनियरिंग विंग में ही होती रही है.

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मिलिट्री पुलिस की जिम्मेदारी

मिलिट्री पुलिस के ऊपर छावनी क्षेत्रों, सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी की जिम्मेदारी होती है, जिससे कि सैनिकों की ओर से नियमों के उल्लंघन की घटनाएं रोकी जा सकें. मिलिट्री पुलिस के ऊपर युद्ध और शांति, दोनों ही स्थितियों में सैनिकों और साजोसामान के मूवमेंट की जिम्मेदारी होती है. युद्धबंदियों का जिम्मा भी मिलिट्री पुलिस के ऊपर होता है. इसके अलावा जब जरूरत होती है मिलिट्री पुलिस सिविल पुलिस की मदद भी करती है.

अधिकारियों के मुताबिक, लैंगिक भेदभाव से जुड़े अपराधों और आरोपों की जांच के लिए मिलिट्री पुलिस में महिलाओं को शामिल करने की जरूरत महसूस की गई.  

ये भी देखा गया कि कश्मीर मे कई बार महिला प्रदर्शनकारियों के सामने आने से स्थिति विकट हो जाती है. ऐसे में मिलिट्री पुलिस के हिस्से के तौर पर महिला सैनिकों के मौजूद होने से स्थिति को अच्छी तरह हैंडल किया जा सकेगा.

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