सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को राजस्थान के विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की याचिका पर सुनवाई हुई. सचिन पायलट गुट ने नोटिस दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में दलील दी थी, जिसपर HC ने स्पीकर को अभी कोई निर्णय ना लेने को कहा था. इसीपर स्पीकर ने SC का रुख किया. गुरुवार को सुनवाई के दौरान वकील कपिल सिब्बल और अदालत के बीच कई सवाल-जवाब हुए. अदालत में अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी, कल आने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर हर किसी की नजरें हैं. सुनवाई के दौरान क्या हुआ, एक नज़र डालें...
कपिल सिब्बल: जब तक विधानसभा स्पीकर की ओर से कोई फैसला ना लिया जाए, तबतक मामले में दखल नहीं दिया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट: नोटिस किसने भेजा था?
कपिल सिब्बल: पार्टी व्हिप ने बैठक के लिए नोटिस भेजा था.
सुप्रीम कोर्ट: क्या व्हिप पार्टी बैठकों के लिए है या फिर सिर्फ विधानसभा में बैठकों के लिए?
कपिल सिब्बल: व्हिप का कोई मुख्य विषय नहीं था.
सुप्रीम कोर्ट: फिर व्हिप क्यों जारी किया गया?
कपिल सिब्बल: ये सिर्फ एक बैठक थी, जिसका नोटिस चीफ व्हिप ने दिया था.
सुप्रीम कोर्ट: अगर पार्टी का चीफ व्हिप नोटिस दे रहा है, तो स्पीकर इसमें कहां से आ गए? जिन्होंने HC के नोटिस पर सवाल उठाए हैं?
कपिल सिब्बल: वो अलग नोटिस है, आप याचिका में देख लें. चीफ व्हिप ने स्पीकर के सामने अयोग्य वाली याचिका दी, मैं स्पीकर की ओर से ही हूं. स्पीकर अगर फैसला लेता है, तो अदालत समीक्षा कर सकती है लेकिन उससे पहले नहीं.
सुप्रीम कोर्ट: अगर स्पीकर विधायकों को अयोग्य साबित कर दे, तो क्या अदालत दखल ना दे?
कपिल सिब्बल: हां, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट: क्या हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की है?
कपिल सिब्बल: जी.. यही हमारी याचिका की दलील है.
कपिल सिब्बल: सचिन पायलट और उनके समर्थकों की ओर से फ्लोर टेस्ट की अपील की गई है. उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं कि वो पार्टी छोड़ना चाहते हैं.
सुप्रीम कोर्ट: क्या पार्टी ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है? हमें ये भी देखना होगा...
कपिल सिब्बल: लेकिन अभी स्पीकर ने फैसला नहीं लिया है, ऐसे में कोर्ट ना देखे.
सुप्रीम कोर्ट: ये कोई साधारण केस नहीं है, आप सभी चुनकर आए हैं. पार्टी ने अभी तक कोई फैसला क्यों नहीं लिया? इस तरह लोकतंत्र की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है.
कपिल सिब्बल: मैं यहां स्पीकर की ओर से हूं, मुझे नहीं मालूम. अभी उन्हें बताना बाकी है कि वो होटल में क्यों हैं?
सुप्रीम कोर्ट: स्पीकर का कोई प्रभावित पक्ष नहीं होता है. हाईकोर्ट ने स्पीकर को एक दिन का इंतजार करने को कहा है.. आप इंतजार क्यों नहीं कर सकते? आखिरी के दो ही शब्द निर्देश की बात कर रहे हैं.
कपिल सिब्बल: आप उन्हें हटवा दीजिए, अदालत स्पीकर को निर्देश नहीं दे सकता है.
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आपको बता दें कि विधानसभा स्पीकर ने हाईकोर्ट के निर्देश को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हाईकोर्ट ने 24 जुलाई तक कोई फैसला ना लेने को कहा था.
संजय शर्मा