राजस्थान सरकार ने इस बीच सूचना जारी की है कि राज्य के सारे विज्ञापनों पर अब बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक पंडित दीनदायाल उपाध्याय की तस्वीर छापना अनिवार्य होगा. राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने आदेश जारी किया है कि देश के महान चिंतक, दार्शनिक और विचारक का जन्मशताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है. लिहाजा, सभी सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी विभागों के सजावटी विज्ञापनों में दीन दयाल उपाध्याय का लोगो लगाना जरुरी है. लोगो की प्रति को भी अटैच कर सभी विभागों के समक्ष भेज दिया गया है. भगवा रंग के इस लोगो में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर बनी हुई है.
गौरतलब है कि राज्य में बीजेपी की सरकार है. ऐसे में इस आदेश को सरकारी विभागों में मानने में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन राज्य के कई बोर्ड और निगमों पर कांग्रेस का कब्जा है. वहां पर राज्य सरकार द्वारा जारी इस आदेश को मनवाना आसान नहीं होगा.
इससे पहले राजस्थान सरकार ने जमीनों के दिए जाने वाले पट्टे पर भी एक तरफ दीन दयाल उपाध्याय की तस्वीर लगाकर जमीन का आवंटन शुरु किया था. इस पर स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया कि इससे कानूनी समस्या पैदा हो जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि जमीन के पट्टे पर केवल जमीन के मालिक की ही तस्वीर हो सकती है. इसके बाद सरकार ने ये सर्कुलर वापस ले लिया. बीजेपी की केंद्र सरकार ने इस वर्ष को दीन दयाल उपाध्याय शताब्दी वर्ष के तौर पर मनाने का ऐलान किया है और राजस्थान सरकार इसमें पीछे नहीं रहना चाहती.
इससे पहले राजस्थान सरकार ने धानक्या गांव के रेलवे स्टेशन को दीन दयाल उपाध्याय स्मारक के तौर पर विकसित करने की घोषणा की है. इसके लिए सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपए अपने खजाने से दिए हैं. गौरतलब है कि जयपुर के पास धानक्या गांव में ही दीन दयाल उपाध्याय का बचपन गुजरा था. उनके नाना यहां रेलवे में नौकरी करते थे. सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने इस गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए गोद ले रखा है.
इसके अलावा एक दूसरे आदेश में कहा गया है कि राजस्थान सरकार अपने आदर्श विधालयों का लोगो भगवा रंग में तैयार करवाएगी ताकि अपने आदर्श विधालयों का प्रचार प्रसार किया जाए. इसके लिए राजस्थान के सभी आदर्श विधालयों को गाईडलाईन्स जारी की गई हैं. सभी स्कूलों को गहरे केसरिया रंग का बोर्ड बनाकर स्कूलों के बाहर लगवाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ में ये भी कहा गया है कि आदर्श विधालयों के समस्त कार्य, प्रचार और पत्राचार में इस गहरे केसरिया रंग के लोगो का प्रयोग जरुर किया जाए.
शरत कुमार