राजस्थान में मची सियासी हलचल के बीच अब हर किसी की नजरें सचिन पायलट के अगले कदम पर टिकी हैं. इस बीच भारतीय जनता पार्टी भी मोर्चा संभाले हुए है, लेकिन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि अभी वो अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएंगे.
सतीश पूनिया ने कहा कि फिलहाल बीजेपी नेतृत्व ने तय किया है कि पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जाए और आगे के डेवलपमेंट के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि ये कांग्रेस का अंदरूनी झगड़ा है और हम इसमें कहीं नहीं हैं. सचिन पायलट को अपने पास बुलाने के सवाल पर कहा कि हम किसी को न्योता देने नहीं जा रहे हैं अगर कोई आता है तो स्वागत है.
सचिन पायलट बोले- मैं सौ बार कह चुका हूं कि बीजेपी ज्वॉइन नहीं कर रहा हूं
जब सतीश पूनिया से वसुंधरा राजे की खामोशी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये वही बता सकती हैं. दूसरी ओर उन्होंने दावा किया कि अशोक गहलोत की सरकार राज्य में बहुमत खो चुकी है, अगर सचिन पायलट के विधायक इस्तीफा देते हैं तो सरकार गिर जाएगी.
आपको बता दें कि आज ही भारतीय जनता पार्टी की बैठक होनी थी, जिसके लिए वसुंधरा राजे को जयपुर आना था. हालांकि, बाद में बैठक को टाला गया और वसुंधरा का आने का कार्यक्रम भी टल गया.
इस बीच विधानसभा में बीजेपी के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने बुधवार को सचिन पायलट के समर्थन में ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि गिरते हैं सहसवार ही मैदान-ए-जंग में...साथ ही उन्होंने सचिन पायलट को बधाई भी दी. अब ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या बीजेपी मान चुकी है कि सचिन पायलट सरकार गिराने में फेल हो चुके हैं.
दूसरी ओर सचिन पायलट ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा है कि वो भाजपा में शामिल नहीं होंगे और ना ही उनकी किसी बीजेपी नेता से बात हुई है. उन्होंने कहा कि पांच साल मेहनत करने के बाद भी अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बना दिया गया.
शरत कुमार