राजस्थान: कैबिनेट ने फिर भेजा सत्र बुलाने का प्रस्ताव, मंत्री बोले- राज्यपाल कौन होते हैं?

राजस्थान की लड़ाई अब राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच आर-पार की हो गई है. गहलोत कैबिनेट की ओर से तीसरी बार गवर्नर को विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया है.

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राजस्थान में सरकार बनाम राज्यपाल की लड़ाई राजस्थान में सरकार बनाम राज्यपाल की लड़ाई

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 28 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

  • राजस्थान में फिर हुई गहलोत कैबिनेट की बैठक
  • राज्यपाल को तीसरी बार सत्र बुलाने का प्रस्ताव

राजस्थान में राज्यपाल बनाम सरकार के बीच आरपार की लड़ाई जारी है. मंगलवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में कैबिनेट बैठक हुई. जिसमें राज्यपाल को तीसरी बार विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया. राज्यपाल से अपील की गई है कि उन्हें कैबिनेट द्वारा दी गई सलाह माननी होती है, वरना राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है.

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कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सिंह, हरीश चौधरी की ओर से बयान दिया गया कि हमें बहुमत साबित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम पहले से ही बहुमत में हैं. मंत्री ने कहा कि राज्यपाल कौन होते हैं पूछने वाले कि सत्र क्यों बुलाया जा रहा है.

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राज्य सरकार में मंत्री ने कहा कि हमने तीसरी बार विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए प्रस्ताव भेजा है, अगर नहीं माना गया तो एक बार फिर कैबिनेट बुलाकर प्रस्ताव भेजेंगे. लेकिन फिर भी नहीं माना जाएगा, तो हम केंद्र सरकार से बोलेंगे कि आप CRPF की टुकड़ी भेजकर हमें जेल में डाल दीजिए, जब राजस्थान में चुनाव होंगे तो हम फिर जीतकर आएंगे.

आपको बता दें कि इससे पहले भी दो बार कैबिनेट की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन राज्यपाल कलराज मिश्र ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है. राज्यपाल की ओर से कोरोना संकट, विधानसभा में व्यवस्था और कुछ अन्य सवाल उठाए गए हैं. यही कारण है कि राज्यपाल और राज्य सरकार में अनबन की स्थिति है.

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सरकार की ओर से लगातार सत्र बुलाने की कोशिश है, तो कांग्रेस पार्टी अब इसे राजनीतिक लड़ाई बनाने में जुट गई है. राज्य से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक अब राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र पर निशाना साध रहा है और उनके फैसले लेने पर सवाल उठा रहा है. बीते दिनों कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं ने राज्यपाल को चिट्ठी भी लिखी थी.

इसके अलावा पी. चिदंबरम, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी की ओर से भी राजस्थान के मसले पर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया. पी. चिदंबरम ने कहा है कि राज्यपाल को संविधान का पालन करना चाहिए और सत्र को तुरंत बुलाना चाहिए.

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