राजस्थान में सरकार ने अब सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के बस्ते का बोझ कम कर दिया है राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री ने अब एक से लेकर पांचवीं तक के सरकारी स्कूलों के लिए बच्चों के बैग का वजन तय कर दिया है .सरकार का दावा है कि इस तरह का पहल करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां पर बच्चों के बैग का वजन तय किया गया है.
सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए नए शिक्षा सत्र से नई किताबें लागू की हैं. इन किताबों को ऐसे तैयार किया गया है कि इनका का वजन काफी कम हो गया है. अब बच्चों की वर्तमान पुस्तकों के एक तिहाई भाग के रूप में अलग-अलग पुस्तकों के स्थान पर एक ही पुस्तक स्कूल लेकर जानी होगी. इससे बच्चों के बोझ में दो तिहाई की कमी आएगी.
पहली कक्षा के छात्रों की पुरानी किताबों का वजन 900 ग्राम था जो अब घटकर 400 ग्राम हो गया है. इसी तरह से दूसरी कक्षा के किताबों के 950 ग्राम वजन को कम कर 300 ग्राम कर दिया गया है. साथ ही तीसरी में पढ़ने वाले छात्रों के किताबों का वजन 1 किलो 350 ग्राम था जिसकी जगह पर अब नई किताब 500 ग्राम की ही होगी. वहीं चौथी कक्षा में 1 किलो 450 ग्राम की किताबें थीं इसे घटाकर 500 ग्राम और पांचवीं में पुरानी किताबों का वजन 1 किलो 250 ग्राम था इसे घटाकर 500 ग्राम कर दिया गया है.
अभी कक्षाओं की किताबों का कुल वजन देखें तो या पहले से 5 किलो 900 ग्राम था जो घटकर 2 किलो 200 ग्राम रह गया है. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा अभी एक से पांचवीं तक के कक्षा में इसकी शुरुआत की गई है, इसके परिणाम अच्छे आएंगे तो एक से लेकर 12वीं क्लास तक के सभी क्लास में बैग का वजन तय कर दिया जाएगा. निजी स्कूलों में भी इसके लिए पहल की शुरुआत की जा सकती है.
शरत कुमार