भगवंत मान बोले- जलियांवाला बाग कांड के बाद हरसिमरत के दादा के घर डायर ने किया डिनर

भगवंत मान ने कहा, जलियांवाला बाग में हजारों लोगों को मारने के बाद जनरल डायर ने हरसिमरत कौर बादल के दादा सुंदर सिंह मजीठिया के घर पर डिनर किया था.

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भगवंत मान भगवंत मान

अशोक सिंघल / सिद्धार्थ तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

जलियांवाला बाग बिल को लेकर आम आदमी पार्टी के पंजाब से सांसद भगवंत मान का कहना है कि जलियांवाला बाग के बोर्ड में न कांग्रेस, न बीजेपी, न अकाली किसी दल को नहीं रखा जाना चाहिए. आज जलियांवाला बाग की घटना को 100 साल हो गए हैं.

भगवंत मान ने कहा, जलियांवाला बाग को देखने अब बहुत पर्यटक आते हैं. खासकर उस कुएं को जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों ने कूदकर अपनी जान दे दी थी, लेकिन वहां के लिए क्या किया गया, कुछ भी नहीं. अगर आप 100 साल बाद जलियांवाला बाग को याद कर रहे हैं तो पहली बात कांग्रेस, अकाली, बीजेपी से इसे आजाद करना चाहिए. जलियांवाला बाग सबका है किसी की जागीर नहीं है. इसके बोर्ड का चेयरमैन किसी भी राजनीतिक पार्टी का नहीं होना चाहिए.

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भगवंत सिंह मान का कहना है कि जिस ऊधम सिंह ने 22 साल बाद इस घटना का बदला लिया, उसका कोई स्टैच्यू नहीं है. ऊधम सिंह का स्टैच्यू संसद भवन में होना चाहिए. वहीं सावरकर ने अंग्रेजों से डरकर मांफी मांगी और उसको सम्मान दिया जाता है. ऊधम सिंह ने कोई माफी नहीं मांगी, जबकि ऊधम सिंह ने जनरल डायर को गोली मारकर अपनी पिस्तौल दे दी थी. इसके बाद ऊधम सिंह ने कहा कि मैंने अपना बदला ले लिया. जलियांवाला बाग में हजारों लोगों को मारने के बाद जनरल डायर ने हरसिमरत कौर बादल के दादा सुंदर सिंह मजीठिया के घर पर डिनर किया था.

जलियांवाला बाग ट्रस्ट संशोधन बिल लोकसभा में पास हो गया है जिसपर केंद्रीय टूरिज्म एंड कल्चर मिनिस्टर प्रहलाद पटेल ने आजतक से खास बातचीत में कहा, 'कांग्रेस के पास कहने के लिए कुछ नहीं है जब भी कोई सरकार में आता है सबसे पहले पहले तो संस्था पर कब्जा करते हैं. हमें नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहिए जिन्होंने संस्था का राष्ट्रीयकरण किया है. अब फर्क यह है कि इसमें कांग्रेस अध्यक्ष का नाम लिखा हुआ था जिसको हम लोगों ने हटाया है.'

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