राज्यसभा में बोले संजय सिंह, 'तानाशाही से देश चलाना है, तो सभी को जेल में डाल दीजिए'

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शून्यकाल में विपक्षी नेताओं के खिलाफ़ जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला उठाया. संजय सिंह ने सदन में कहा कि दादागिरी और तानाशाही से देश चलाना चाहते हैं, तो सभी को जेल में डाल दीजिए.

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राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:29 PM IST

संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शून्यकाल में विपक्षी नेताओं के खिलाफ़ जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला उठाया. इससे पहले चर्चा के लिए दिए गए नोटिस में 'आप' सांसद ने दिल्ली एमसीडी चुनाव में जीते आम आदमी पार्टी के पार्षदों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया. संजय सिंह ने नोटिस में कहा है कि एमसीडी में आम आदमी पार्टी के पार्षदों को शिकार बनाने की असफल कोशिश की जा रही है.

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संसद में चर्चा के दौरान संजय सिंह ने जैसे ही अपना वक्तव्य शुरू किया हंगामा शुरू हो गया. इस दौरान संजय सिंह ने कहा कि क्या यह सरकार का चरित्र है? ना बाहर बोलने देते हैं और ना यहां अंदर संसद में बोलने देते हैं. आगे संजय सिंह ने कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल करते हुए, पिछले 8 वर्षों में विपक्ष के नेताओं पर 3000 छापे मारे गए और मात्र 23 लोगों, यानी 0.5% को कन्विक्ट कर पाई है. सदन में मौजूद सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के सवाल पर ही ये जवाब सरकार द्वारा दिया गया है. 

संसद में संजय सिंह के वक्तव्य के दौरान लगातार हंगामा होता रहा. संजय सिंह ने सदन में पूछा कि 20 हजार करोड़ रुपए का घोटाला करने वाले नीरव मोदी के खिलाफ एजेंसियां क्यों चुप रहती है? मेरा सवाल यह है कि ईडी और सीबीआई लुटेरे नीरव मोदी, विजय माल्या, ललित मोदी, रेड्डी ब्रदर्स, येदुरप्पा, व्यापम घोटाले पर कार्रवाई क्यों नहीं करती है? जितने भ्रष्टाचारी आपसे जुड़े हैं उन पर कार्यवाही क्यों नहीं होती?

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आगे संजय  सिंह ने कहा कि मनीष सिसोदिया के घर पर 14 घंटे छापेमारी की, अरविंद केजरीवाल के घर छापेमारी की. सत्येंद्र जैन को भी जेल में रखा हुआ है, सारे मंत्रियों पर छापेमारी की. अगर दादागिरी और तानाशाही से देश चलाना चाहते हैं, तो सभी को जेल में डाल दीजिए.

सदन में संजय सिंह ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर कार्रवाई का जिक्र भी किया. आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने इससे पहले नोटिस में कहा था कि भारतीय जनता पार्टी केंद्र की एजेंसियों का दुरूपयोग करके, प्रलोभन देकर और विधायकों को धमकियां देकर विपक्षी दलों की सरकार को अस्थिर करने का कार्य करती रही है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2022 तक 211 विधायक और सांसद दलबदल कर भाजपा में शामिल हुए. यह घटनाक्रम सिद्ध करता है कि अनैच्छिक दलबदल ना सिर्फ सरकार के स्तर पर बल्कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्तर पर भी जनादेश को नष्ट करने में सक्षम है. लोकतंत्र को नष्ट करने के उद्देश्य से संचालित ऑपरेशन अब नगर पालिका तक पहुंच गया है.

 

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