मिशन-24 के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से जुट गई हैं. महाराष्ट्र में सत्ता गंवाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की निगाह अब लोकसभा चुनाव पर है. इसके लिए एनसीपी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. सबसे संगठन को मजबूत किया जा रहा है. यही वजह है कि एनसीपी ने नई कार्यकारिणी का ऐलान किया है.
एनसीपी के संस्थापक शरद पवार एक बार फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके साथ ही कई नेताओं नें अप्रत्याशित छलांग लगाई हैं. पार्टी के फ्रंटल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्षों को पर्यवेक्षक की बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई है.
राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा को दिल्ली प्रदेश का पर्यवेक्षक और राष्ट्रवादी विद्यार्थी कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया दूहन को हरियाणा प्रदेश का पर्यवेक्षक बनाया गया है. इन दोनों युवा नेताओं को पार्टी नें अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाने के साथ साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता की भी ज़िम्मेदारी दी है.
एनसीपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री को प्रोन्नत करते हुये राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. एनसीपी लोकसभा चुनाव में पहले लगातार हिंदी भाषी राज्यों में भी अपने संगठन को मजबूत कर रही है. 11 सितंबर को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का 8वां राष्ट्रीय अधिवेशन भी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था.
इस अधिवेशन में ऐलान हो गया कि एनसीपी हरियाणा का विधानसभा चुनाव और दिल्ली का एमसीडी चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी. इसके बाद योगानंद शास्त्री, धीरज शर्मा और सोनिया दूहन को दिल्ली और हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई है.
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