तरुण गोगोई के निधन पर सोनिया ने लिखी उनके बेटे को चिट्ठी, कहा- कांग्रेस उनकी यादों को सम्मानित करती रहेगी

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का निधन हो गया है. लंबे समय से बीमार चल रहे तरुण गोगोई पूरी तरह से लाइफ सपोर्ट पर थे. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तरुण गोगोई के परिवार के सदस्यों और उनके बेटे गौरव गोगोई को चिट्ठी लिखकर संवेदना जाहिर की है.

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सोनिया गांधी ने तरुण गोगोई के निधन पर जताया दुख (फाइल फोटो) सोनिया गांधी ने तरुण गोगोई के निधन पर जताया दुख (फाइल फोटो)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 23 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST
  • असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का हुआ निधन
  • गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस
  • लंबे समय से तरुण गोगोई लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का निधन हो गया है. उनकी उम्र 84 साल थी. उन्होंने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH)  में सोमवार शाम अंतिम सांस ली. लंबे समय से बीमार चल रहे तरुण गोगोई पूरी तरह से लाइफ सपोर्ट पर थे. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तरुण गोगोई के परिवार के सदस्यों और उनके बेटे गौरव गोगोई को चिट्ठी लिखकर संवेदना जाहिर की है.

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गौरव के नाम लिखी गई चिट्ठी में सोनिया गांधी ने कहा कि आपके प्यारे पिता के निधन की जानकारी मिली. यह बहुत ही दुख की बात है. तरुण गोगोई कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे, जो अपने असाधारण ज्ञान, दूरदृष्टि और क्षमता के लिए प्रशंसा और सम्मान प्राप्त करते थे. विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और असम के मुख्यमंत्री के रूप में अपने लंबे वर्षों के अनुभव के साथ, वह ऐसे व्यक्ति थे, जिसकी सलाह हम हमेशा ले सकते थे.

सोनिया ने अपनी चिट्ठी में आगे कहा है कि मुझे मालूम है कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने उन्हें कितने सम्मान के साथ रखा था. मेरे लिए भी यह नुकसान व्यक्तिगत है- मैं उस गर्मजोशी और देखभाल को नहीं भूल सकती जो उन्होंने मेरे लिए असम की मेरी कई यात्राओं में दिखाई थीं. उन यात्राओं के दौरान, मैंने देखा कि वह असम के सभी समुदायों और लोगों से कितना प्यार करते थे, उन्होंने उन सब के लिए और उनकी प्रगति और कल्याण के लिए कितना कुछ किया था. कोई आश्चर्य नहीं कि वह असम के सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले लोकप्रिय चेहरा थे और सबसे लंबे समय तक राज्य की सेवा करने वाले मुख्यमंत्री थे.

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सोनिया ने अपनी चिट्ठी के अंत में लिखा है कि दुःख के इस समय में मेरी संवेदनाएं आपके और आपके परिवार के साथ हैं. इस क्रूर महामारी की वजह से आपके पिता का जीवन भले ही खत्म हो गया, लेकिन वे खुद से निर्धारित मानकों और राष्ट्रीय जीवन में अपने अपार योगदान में एक अनमोल और स्थायी विरासत छोड़ गए हैं. अब वह अपने दुखों से छुटकारा पा चुके हैं और शांति में हैं. कांग्रेस पार्टी हमेशा उनकी यादों को सम्मानित करती रहेगी.

 

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