G-राम-जी विधेयक को लेकर बीजेपी ने संगठन और सरकार के स्तर पर कमर कस ली है. शनिवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय कृषि व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कानून पर दो दौर की अहम बैठकें कीं. इन बैठकों में मुख्यमंत्री, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और प्रमुख पदाधिकारी समेत देशभर से 1,100 से अधिक नेताओं ने हिस्सा लिया.
बीजेपी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि G-राम-जी कानून को लेकर पार्टी सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीन तक ले जाया जाएगा. बैठकों में यह तय किया गया कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर जनता और श्रमिकों को इस कानून के फायदे बताएंगे.
शिवराज सिंह चौहान ने दिया विस्तृत प्रेजेंटेशन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में G-राम-जी कानून पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया. उन्होंने कानून के प्रावधानों, बदलावों और इसके प्रमुख फायदों को विस्तार से समझाया. शिवराज ने जोर देकर कहा कि इस कानून का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचना चाहिए और जनता को यह साफ तौर पर समझ में आना चाहिए कि यह कानून श्रमिकों के हित में है और जवाबदेही को मजबूत करता है.
जेपी नड्डा-नितिन नबीन का फोकस श्रमिक कल्याण पर
जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी G-राम-जी कानून के महत्व पर बात की. दोनों नेताओं ने इसे श्रमिक कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बताया. नितिन नबीन ने कहा कि इस अभियान की विस्तृत कार्ययोजना एक-दो दिन में तैयार कर सभी के साथ साझा कर दी जाएगी.
प्रदेश स्तर पर भी होंगी बैठकें
बैठक में यह भी तय हुआ कि देशभर में प्रदेश संगठन स्तर पर इसी तरह की बैठकें होंगी. इन बैठकों का मकसद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तथ्यों के साथ जनता के बीच भेजना और विपक्ष के नैरेटिव का प्रभावी तरीके से काउंटर करना होगा.
ग्रामीण जनता पर खास फोकस
बीजेपी नेतृत्व ने खास तौर पर जोर दिया कि ग्रामीण इलाकों में यह संदेश प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए कि G-राम-जी कानून श्रमिकों के हित में है. नेताओं से कहा गया है कि वे बूथ स्तर से ही जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं.
मनरेगा की कमियां और नया कानून क्यों जरूरी?
बीजेपी कार्यकर्ता जनता को यह भी बताएंगे कि मौजूदा मनरेगा कानून में क्या-क्या कमियां थीं. पार्टी यह समझाएगी कि ग्रामीण रोजगार गारंटी के लिए नया कानून क्यों जरूरी था, नया कानून पुराने से कैसे बेहतर है, इसमें रोजगार के दिन कैसे बढ़ते हैं और निगरानी व जवाबदेही की व्यवस्था कैसे मजबूत की गई है.
नुक्कड़ सभा से घर-घर संपर्क तक रोडमैप
बैठक में बताया गया कि आने वाले दिनों में पार्टी कई जनसंपर्क कार्यक्रमों को अंतिम रूप देगी. इनमें प्रेस कॉन्फ्रेंस, नुक्कड़ सभाएं और घर-घर संपर्क जैसे गहन जमीनी अभियान शामिल होंगे. इनका पूरा रोडमैप पार्टी नेताओं के साथ साझा किया जाएगा.
अरुण सिंह के नेतृत्व में बनी निगरानी टीम
G-राम-जी कानून के कार्यान्वयन और प्रचार की निगरानी के लिए बीजेपी ने महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष निगरानी टीम का गठन भी किया है.
हिमांशु मिश्रा