बिहार की कोसी नदी में पिछले दिनों जल प्रलय देखने को मिला, उसके बाद बर्बादी की तस्वीर देखने को मिल रही है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण सहरसा जिला है जहां पर कोसी नदी के पानी ने जबरदस्त तांडव मचाया है. सहरसा जिले के कई इलाके पूरी तरीके से जलमग्न हैं और जिन-जिन इलाकों में पानी कम होने लगा है, वहां पर बर्बादी की तस्वीर सामने देखने को मिल रही है.
बुधवार को आजतक के खास शो हल्ला बोल में अंजना ओम कश्यप ने भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक से सवाल किया कि बिहार में बार-बार आ रही बाढ़ को कैसे रोका जाए, क्या करना चाहिए? इसके जवाब में अजय आलोक ने कहा, 2007 में जब कोसी त्रासदी हुई थी तब भी इस पर बहुत मंथन हुआ था. पहले तात्कालीन मनमोहन सिंह सरकार और बाद में नरेंद्र मोदी सरकार ने ठोस पहल की है. नेपाल में डैम है. नदियों की गहराई कम हो गई है. वाटर होल्डिंग कैपेसिटी हर रिवर का कम हो चुका है.
उन्होंने कहा कि बक्सर में पहले बाढ़ नहीं आती थी. अब बक्सर में भी पानी बढ़ जा रहा. नदियों का गाद हटाना सबसे जरूरी है. बहुत सारे सवाल हैं, जिनपर केंद्र सरकार मंथन कर रही है. हमारा जल शक्ति मंत्रालय और नेपाल सरकार मंथन कर रहे हैं कि हाई डैम कैसे बना सकते हैं. इस बार आवागमन बंद करना पड़ा, बराज का गेट खोलना मजबूरी थी. इसलिए 1967 के बाद से सबसे ज्यादा छह लाख पानी डिस्चार्ज हुआ. अब ये न्यू डिस्चार्ज रिकॉर्ड लेवल हो चुका है.
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि हम लोग रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पर काम कर रहे हैं. राज्य सरकार पूरी तरह सजग है. केंद्र सरकार पूरी तरह सजग है. मेडिकल टीम पूरी अलर्ट है. मोबाइल यूनिट्स लगाए जा रहे हैं. बिहार आपदा प्रबंधन विभाग इसमें लगा हुआ है. पूरा स्वास्थ्य महकमा लगा हुआ है. मुख्यमंत्री खुद देख रहे हैं, हमारे दोनों उपमुख्यमंत्री लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं.
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