हैदराबाद में हर बार बढ़ा Asaduddin Owaisi का जलवा... पिछले 5 चुनाव में ये रहा जीत का मार्जिन

हैदराबाद लोकसभा सीट से असदुद्दीन ओवैसी ने लगातार पांचवी बार जीत दर्ज की है. पिछले 25 सालों में हर बार उनकी जीत का मार्जिन बढ़ता ही गया है. साल 2004 में जहां ओवैसी की जीत का मार्जिन 37 फीसदी था तो वहीं इस बार यह बढ़कर 61 फीसदी हो गया है.

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Asaduddin Owaisi (Photo: PTI) Asaduddin Owaisi (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2024,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 292 तो विपक्षी INDIA ब्लॉक ने 234 सीटों पर जीत दर्ज की है. इनमें कई सीटों के नतीजे ऐसे हैं, जिनके बारे में देशभर में चर्चा की जा रही है. ऐसी ही एक सीट तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट है. यहां से AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने जीत दर्ज की है. उनकी जीत का मार्जिन 3 लाख 38 हजार वोटों से ज्यादा का है.

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ये सीट पूरे चुनाव के दौरान चर्चा का विषय इसलिए बनी रही क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां से माधवी लता को मैदान में उतारा था. उन्हें हिंदुत्व के मुखर चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया. हालांकि, बीजेपी इस ध्रुवीकरण में कामयाब नहीं हो पाई और माधवी लता इस सीट से बुरी तरह हार गईं. असदुद्दीन ओवैसी इस सीट से लगातार पांचवी बार सांसद बने हैं. पिछले 25 साल में उनकी जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है.

कैसे बढ़ता गया ओवैसी की जीत का मार्जिन

 साल      मार्जिन      वोट प्रतिशत
 2004    1,00,145    37.39%
 2009      1,13,865    42.14%
 2014      2,02,454      52.94%
 2019      2,82,187    58.9%
 2024    3,38,087      61.8%

जीत के बाद क्या बोले ओवैसी

हैदराबाद सीट से जबरदस्त जीत मिलने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा,'मैं AIMIM को समर्थन देने वालों का शुक्रिया अदा करता हूं. बीजेपी जादुई आंकड़े को छूने में कामयाब नहीं हो पाई है. इसका कारण है BJP का नफरत फैलाना और किसानों को परेशान करना. देश ने अपना स्पष्ट रुख बता दिया है. अगर मोदी के तीसरे कार्यकाल को रोकने के लिए कोई सरकार बनाता है तो हम उसे अपना समर्थन देंगे. BRS खुलेआम बीजेपी को सपोर्ट कर रही है.'

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माधवी लता क्यों थीं BJP की पसंद?

दरअसल, माधवी लता की पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है. वह तीन तलाक के मुद्दे पर कई मुस्लिम महिला समूहों के साथ काम कर चुकी हैं. वह निराश्रित मुस्लिम महिलाओं के लिए एक राहत कोष भी बना चुकी हैं. बीजेपी ने उन्हें हिंदुत्व का चेहरा बनाकर हैदराबाद से मैदान में उतारा था.

चुनाव के दौरान दर्ज हुईं 2 FIR

चुनाव के दौरान माधवी लता के खिलाफ 17 अप्रैल को FIR दर्ज हो गई थी. उन पर रामनवमी के जुलूस के दौरान धार्मिक स्थल की तरफ तीर चलाने का इशारा करने का आरोप लगा था, जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची थी. इसके बाद नीतीश के खिलाफ 13 मई को एक और केस दर्ज हुआ था, जिसमें उन पर वोटिंग के दौरान मुस्लिम महिलाओं से पहचान के लिए बुर्का हटाने के लिए कहने का आरोप लगा था. माधवी लता के पति विश्वनाथ कोम्पल्ले, IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं. वह एक फिनटेक और हेल्थकेयर कंपनी के संस्थापक भी हैं.

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