अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998 में मुसलमानों की पारंपरिक पगड़ी बंधवाते हुए एतराज नहीं किया. मोसलेम्स के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के परमाणु परीक्षणों के बाद वाजपेयी को पगड़ी बांधकर बधाई दी थी.
अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से एक दिन पहले प्रशंसकों द्वारा दी गई टोपी पहनी.
अटल बिहारी वाजपेयी जब 75 साल के हुए थे तो पुणे से लोगों का एक दल घोड़ों पर सवार होकर और 1,500 किलोमीटर की दूरी तय करके दिल्ली उनसे मिलने पहुंचा था. इस मौके पर अटल बिहारी घोड़े को सहलाते हुए दिखाई दिए.
अटल बिहारी वाजपेयी ने 2004 में रंगों के त्यौहार के मौके पर रंगीन टोपी पहनकर और रंग में रंगकर होली का जश्न मनाया था.
मार्च, 2004 में चुनाव रैली के दौरान सिख राजनीतिक दल, शिरोमणि अकाली दल के नेता ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सिखों का धार्मिक प्रतीक कृपाण (तलवार) भेंट की थी.
अटल बिहारी वाजपेयी 2002 में प्रधानमंत्री रहते रक्षाबंधन के मौके पर जब स्कूली बच्चों के बीच पहुंचे तो छात्रों ने उन्हें घेर लिया और उनके राखी बांधी. अटल बिहारी वाजपेयी के चहरे पर राखी बंधवाते हुए एक अलग ही खुशी दिखाई दी.
अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) ने प्रधानमंत्री रहते मई 2004 में कोलकाता में एक रैली के दौरान उत्साहपूर्वक क्षेत्रीय नेताओं के साथ हाथ पकड़कर चुनाव प्रचार किया था.
1 दिसंबर 1998 को एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने का लिए काम कर रहे बच्चों के साथ अटल बिहारी वाजपेयी. (सभी फोटो- reuters)