मालेगांव ब्लास्ट मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है. इस फैसले के बाद 'सैफ्रॉन टेरर' या भगवा आतंकवाद शब्द के इस्तेमाल पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता. कांग्रेस का कहना है कि जांच कमजोर की गई और एनआईए की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं.