उत्तर भारत में ठंड अपना कहर दिखा रही है, इसके साथ ही कई राज्यों में शीतलहर का दौर भी जारी है. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी देखने को मिल रही है. इसका असर मैदानी इलाके में भी देखने को मिल रहा है. देश की राजधानी दिल्ली में काफी ठंड पड़ रही है. इसके साथ ही कई इलाकों में घना कोहरा देखने को मिल रहा है. उत्तराखंड में शुष्क सर्दी पड़ रही है और 25 दिसंबर तक बारिश या बर्फबारी का कोई पूर्वानुमान नहीं है. गिरते तापमान के कारण रातें ठंडी और कंपकंपा देने वाली हो रही हैं. उच्च हिमालयी चोटियां भी मौसम की पहली भारी बर्फबारी के इंतज़ार में हैं.
वहीं, पंजाब, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, एमपी आदि राज्यों में भी लोगों को ठिठुरन का एहसास हो रहा है. इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 दिसंबर यानी आज तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग स्थानों में 20 और 21 दिसंबर को शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों में 19 -23 दिसंबर के दौरान शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है. आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
उत्तराखंड का मौसम
उत्तराखंड में इस पूरे सप्ताह आसमान साफ रहेगा. IMD के मुताबिक, इस पूरे सप्ताह दिल्ली का अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. जबकि न्यूनतम तापमान -1 से 0 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. इस सप्ताह त्तराखंड में शुष्क सर्दी पड़ रही है और 25 दिसंबर तक बारिश या बर्फबारी का कोई पूर्वानुमान नहीं है. गिरते तापमान के कारण रातें ठंडी और कंपकंपा देने वाली हो रही हैं.
देश के मौसम का हाल
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण ओडिशा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. इसके अलावा हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बन सकती है.
देश की मौसमी गतिविधियां
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर स्थित गहरा दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ ही संबंधित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. पश्चिमी विक्षोभ निचले और मध्य क्षोभमंडल के पछुआ पवनों में एक ट्रफ के रूप में दिखाई दे रहा है, जिसका अक्षांश 28° उत्तर के उत्तर में और देशांतर 70° पूर्व के पास है. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. बांग्लादेश पर भी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है.
वहीं, यह प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकती है. इसके बाद यह अगले 24 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश तट के साथ उत्तर दिशा में बढ़ सकती है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ निचले और मध्य क्षोभमंडल के पछुआ पवनों में एक ट्रफ के रूप में दिखाई दे रहा है, जिसका अक्षांश 28° उत्तर के उत्तर में और देशांतर 70° पूर्व के पास है. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. बांग्लादेश पर भी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है. रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.
अंकित शर्मा