MBBS सेकंड ईयर के छात्र ने किया हार्ट पेशेंट का इलाज, मौत के बाद हंगामा, डिटेन

मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. विनोद के बेटे अश्विन ने कहा कि परिवार को पता चला कि उनके पिता का इलाज करने वाला RMO कोई ऐसा व्यक्ति था, जिसने अपना MBBS भी पूरा नहीं किया था. वह अभी भी अपने दूसरे साल में है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • कोझिकोड,
  • 01 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 3:14 PM IST

केरल में 60 साल के एक हार्ट पेशेंट की मौत के बाद परिवार ने डॉक्टर पर योग्य होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया है. परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है. पुलिस के मुताबिक घटना 23 सितंबर को कोझिकोड जिले के कोट्टाकादावु के एक निजी अस्पताल में हुई.

मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. विनोद के बेटे अश्विन ने कहा कि परिवार को पता चला कि उनके पिता का इलाज करने वाला RMO कोई ऐसा व्यक्ति था, जिसने अपना MBBS भी पूरा नहीं किया था. वह अभी भी अपने दूसरे साल में है. मृतक के बेटे ने कहा कि डॉक्टर ने 2011 में दाखिला लिया था और अभी तक अपनी दूसरी MBBS परीक्षा पास नहीं की है. 

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देर रात मरीज को लाया गया था अस्पताल

मृतक के बेटे ने सवाल खड़े किये हैं कि कोई इतना अयोग्य व्यक्ति मेरे पिता का इलाज कैसे कर सकता है? मृतक के परिवार ने कहा अस्पताल ले जाते समय विनोद को गंभीर एनजाइना और सांस लेने में तकलीफ थी. कैजुअल्टी RMO ने परिवार को बताया कि विनोद को देर से लाया गया था और वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकता था.

अस्पताल ने स्वीकार की गलती

इस घटना के बाद अस्पताल ने उसकी योग्यता को सत्यापित करने में अपनी गलती स्वीकार कर ली है. आरोपी अबू अब्राहम ल्यूक को बर्खास्त कर दिया गया है. अस्पताल प्रबंधक ने कहा कि उसने अपना मेडिकल पंजीकरण नंबर जमा कर दिया था और यह नियुक्ति के लिए अस्पताल की सामान्य प्रक्रिया है. हमारे साथ जुड़ने से पहले वह कोझीकोड और मलप्पुरम के कई अस्पतालों में काम कर चुका है.

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