आरोपियों की मदद कर रहे थे सीबीआई जज! ED ने किया गिरफ्तार... जानें पूरा मामला

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अप्रैल में हरियाणा पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पंचकूला में विशेष पीएमएलए अदालत में तैनात विशेष सीबीआई जज सुधीर परमार, उनके भतीजे अजय परमार के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है.

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मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 12:59 AM IST

हरियाणा के स्पेशल सीबीआई जज सुधीर परमार (Sudhir Parmar) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें इससे पहले सस्पेंड कर दिया गया था. उन पर रियल एस्टेट कंपनी आईआरईओ ग्रुप और एम3एम ग्रुप से जुड़े एक मामले में रिश्वत लेने का आरोप है.  

उन्हें गुरुग्राम से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कस्टडी में लिया गया. उन्हें शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है. ईडी उन्हें कस्टोडियल रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी.

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ईडी ने इससे पहले परमार के भतीजे अजय परमार, रियल एस्टट कंपनी के दो प्रमोटर्स बसंत बंसल और पंकज बसंल और आईआरईओ के मालिक एवं एमडी ललित गोयल को गिरफ्तार किया था. 

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अप्रैल में हरियाणा पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पंचकूला में विशेष पीएमएलए अदालत में तैनात विशेष सीबीआई जज सुधीर परमार, उनके भतीजे अजय परमार के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है.

एफआईआर के मुताबिक, ईडी का कहना था कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि सुधीर परमार ईडी के आपराधिक और अन्य मामलों में आरोपियों रूप कुमार बंसल, उनके भाई बसंत बंसल और आईआरईओ के ललित गोयल की मदद कर रहे थे. इन आरोपियों का मामला उनकी ही अदालत में लंबित है.

ईडी ने बयान में कहा कि एफआईआर में बताया गया है कि आधिकारिक पद के दुरुपयोग और अदालत में लंबित मामलों में आरोपियों से अनुचित लाभ या रिश्वत की मांग गई. इस मामले में केस दर्ज होने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परमार को सस्पेंड कर दिया था.

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