'मेरी पत्नी और बेटी खत्म हो गई, बेटा जिंदा है लेकिन...', मैं कुछ नहीं कर पाया, बदहवास राज कुमार की आपबीती

होश संभाला तो अपने परिवार का कोई आसपास नहीं था. अब पता चला है कि पत्नी और बेटी हमारी मर चुकी है. बेटा जिंदा है, लेकिन कहां है ये पता नहीं है. किसी का फोन आया था. उसने बताया बेटा सुरक्षित है.

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 Stampede at New Delhi station Stampede at New Delhi station

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST

दिल्ली से नवादा जा रहा था पूरा परिवार. कल शाम तक परिवार में चार लोग थे, अब दो लोग बचे हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में राज कुमार मांझी की दुनिया ही उजड़ गई. बेटी और पत्नी की मौत हो चुकी है. रेलवे ने भी लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें पुष्टि हो रही है कि राजकुमार की पत्नी और मासूम बेटी अब इस दुनिया में नहीं है. 
  
दरअसल, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद राज कुमार मांझी बदहवास इधर-उधर भाग रहे थे. पत्नी बच्चों को ढूंढ रहे थे. लेकिन कुछ देर बाद राज कुमार को जो खबर मिली, उससे वो टूट गए. खुद राज कुमार हादसे के चश्मदीद हैं. राजकुमार की आंखों में अब आंसू नहीं हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि अभी उनके आंसू पोछने वाला कोई नहीं है, पत्नी-बेटी साथ छोड़ चुकी है.

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राज कुमार मांझी की आपबीती

जब राजकुमार से पूछा गया कि कहां जा रहे थे आप? कौन-कौन थे आपके साथ? राजकुमार कहते हैं, 'बिहार के नवादा का रहने वाला हूं, परिवार के साथ घर जा रहा था. 7 नंबर प्लेटफॉर्म पर हमारी ट्रेन रात करीब 10.15 बजे थी, जिसे पकड़ने के लिए जा रहे थे. सीढ़ी पर उतरते समय भगदड़ मच गई, फिर सब बिछड़ गए. होश संभाला तो अपने परिवार का कोई आसपास नहीं था. अब पता चला है कि पत्नी और बेटी हमारी मर चुकी है. बेटा जिंदा है, लेकिन कहां है ये पता नहीं है. किसी का फोन आया था. उसने बताया बेटा सुरक्षित है. शायद किसी से भीड़ से खींचकर उसे बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई. लेकिन पत्नी और बेटी की लाश पड़ी है.' 


राज कुमार मांझी ने चंद मिनट में ही आपबीती बता दी. जब बेटी की उम्र पूछी गई तो वो मोबाइल में फोटो दिखाने लगते हैं, देखिए यही फोटो है. रेलवे ने भी हादसे में राज कुमार मांझी की पत्नी और बेटी की मौत की पुष्टि कर दी है.

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कैसे अचानक रेलवे स्टेशन पर बढ़ गई भीड़?

राज कुमार मांझी कहते हैं, कि पता नहीं था, इतनी भीड़ होगी. राज कुमार परिवार के एक-एक सदस्य के बारे में बताते हैं, मेरी पत्नी का नाम शांति देवी, बेटी पूजा कुमारी, और बेटे का नाम अविषाण है. रेलवे ने भी शांति देवी (उम्र-40 साल) और पूजा कुमारी (उम्र-8साल) की मौत की पुष्टि कर दी है.  

कहा जा रहा है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कुंभ जाने वालों की अचानक भीड़ बढ़ गई, जिस वजह से ये हादसा हुआ. लेकिन राज कुमार तो परिवार के साथ घर जा रहा था, उनकी क्या गुनाह थी, जो उसने इस हादसे में पत्नी और मासूम बेटी को खो दिया. उसकी तो इस भगदड़ ने जिंदगी ही उजाड़ दी. अब वो जब कभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगा, तो इस भयावह मंजर को याद कर दहल जाएगा. 

बता दें, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो चुकी है, और कई घायल हैं. मरने वालों में 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 5 बच्चे हैं. इनमें सबसे ज्यादा बिहार के 9 लोग, दिल्ली के 8 और एक हरियाणा का रहने वाला है. सरकार ने 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान कर दिया है. लेकिन राज कुमार मांझी के लिए अब ये मुआवजा अब किस काम है. जब परिवार ही नहीं रहा. 

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