सोनिया गांधी ने नागरिकता से पहले वोट केस में कोर्ट से मांगा समय, कहा- रिकॉर्ड पुराना...

राउज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस संसदीय दल अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले की सुनवाई हुई. कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत से विस्तृत जवाब के लिए और समय मांगा है. यह याचिका अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने दायर की है. अदालत ने अगली सुनवाई 7 फरवरी तय की है.

Advertisement
सोनिया गांधी मामले में वरिष्ठ वकील ने कोर्ट से मांगा वक्त (Photo: ITG/ Arun Kumar) सोनिया गांधी मामले में वरिष्ठ वकील ने कोर्ट से मांगा वक्त (Photo: ITG/ Arun Kumar)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले में सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा. 

वकील ने बताया कि यह मामला काफी पुराने रिकॉर्ड से जुड़ा है, इसलिए सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठे कर विस्तृत जवाब देने के लिए समय चाहिए.

Advertisement

यह मामला अधिवक्ता विकास त्रिपाठी द्वारा दायर की गई पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में शामिल किया गया था. इस आरोप के आधार पर विकास त्रिपाठी ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी, जिसे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पहले ही खारिज कर दिया था.

हालांकि, निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए विकास त्रिपाठी ने पुनरीक्षण याचिका अदालत में दायर की. पिछली सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था और दोनों पक्षों से अपना पक्ष रखने को कहा था.

सोमवार की सुनवाई में कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि मामला दशकों पुराना होने के कारण, संबंधित सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच आवश्यक है, इसलिए अतिरिक्त समय मांगा गया. अदालत ने इस बात को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 7 फरवरी को तय की है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नागरिक बनने से पहले वोटर कैसे बन गईं सोनिया गांधी? 1980 की वोटर लिस्ट पर कोर्ट का नोटिस

यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि यह सीधे कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और संसदीय दल अध्यक्ष से जुड़ा है. कांग्रेस ने इसे एक कानूनी प्रक्रिया बताया है और कहा है कि सभी तथ्य अदालत के समक्ष पेश किए जाएंगे.

फिलहाल, एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज हो चुकी है, लेकिन पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई जारी है. अब सबकी निगाहें 7 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी.

इनपुट: एएनआई

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement