अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन देश भर के 5 लाख गांव में उत्सव मनाने के लिए अक्षत भेजा जाएगा. जिस दिन प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव होगा देश भर में मंदिरों में आयोजन होगा. विश्व हिंदू परिषद के 45 प्रांतों के कार्यकर्ता अक्षत लेने के लिए अयोध्या पहुंचे हैं. उनको अक्षत से भरा कलश सौंपा जाएगा.
इसके जरिए जहां लोगों को आमंत्रित किया जाएगा वहीं देश भर के मंदिरों में आनंद उत्सव मनाने की सूचना दी जाएगी. अवध की परंपरा के अनुसार अक्षत (साबुत चावल, हल्दी और कुमकुम में रंग कर) दे कर किसी शुभ कार्य की सूचना और निमंत्रण दिया जाता है.
जानकारी के मुताबिक "अक्षत" (चावल) को रंगने के बाद इसे पीतल के कलश में रखा जाएगा, जिसे 5 नवंबर को पूजा के दौरान भगवान राम के दरबार के सामने रखा जाएगा. फिर चावल को विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से वितरित किया जाएगा. इसके अलावा राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में दो करोड़ से अधिक पर्चे भी छपवाए गए हैं.
इन्हें चावल के साथ देश के हर घर में भेजा जाएगा. ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने मंगलवार को कहा कि सभी राज्यों से विहिप प्रतिनिधियों को पांच नवंबर को अयोध्या बुलाया गया है. प्रत्येक प्रतिनिधि को पांच किलो चावल दिया जायेगा. वे अपने-अपने मंदिरों में इसकी पूजा कर जिले के प्रतिनिधियों को देंगे. इसके बाद, इसे ब्लॉकों, तहसीलों और गांवों में लोगों को भेजा जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि 1 से 15 जनवरी तक देश के पांच लाख गांवों में "पूजित अक्षत" (पूजा किया गया चावल) वितरित किया जाएगा. विभिन्न इलाकों के मठ-मंदिरों में भी त्योहार मनाने की अपील की जायेगी. देशभर के 50 केंद्रों के कार्यकर्ता पूजित चावल को विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाएंगे.
इस बीच देशभर से भगवान राम के भक्त लाइव फीड के जरिए राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हो सकेंगे. मंदिर ट्रस्ट ने हर गांव और कस्बों के मंदिरों में टेलीविजन स्क्रीन लगाने की व्यवस्था की है. ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि इससे अयोध्या में पर्यटकों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी. देशभर में श्रद्धालुओं के लिए अपने-अपने गांव के मंदिरों में भजन-कीर्तन करने की व्यवस्था की गई है.
कुमार कुणाल