गोवा में IIT प्रोजेक्ट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस के साथ झड़प में कई घायल

स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि आईआईटी प्रोजेक्ट को उनके गांव से हटा दिया जाए. ग्रामीण चाहते हैं कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत प्रदर्शन के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सागर एकोस्कर पर लाठीचार्ज और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के लिए एफआईआर दर्ज कराएं.

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आईआईटी प्रोजेक्ट के विरोध में ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन आईआईटी प्रोजेक्ट के विरोध में ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन

नोलान पिंटो

  • पणजी,
  • 06 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST
  • हिंसक झड़प में 12 पुलिसकर्मी घायल, कई ग्रामीण भी चोटिल
  • ग्रामीणों को रोकने के लिए पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
  • गोवा के CM से इंस्पेक्टर पर FIR दर्ज करने की मांग

गोवा के सत्तारी तहसील के शेल-मेलौली गांव में प्रस्तावित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) परिसर के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन ने आज बुधवार को हिंसक रूप ले लिया. जिसमें प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस को जवाब में लाठीचार्ज करना पड़ा. इस हिंसक झड़प में 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि कई ग्रामीण घायल हुए हैं.

शेल-मेलौली गांव के बाहर जंगल वाले इलाके में बुधवार सुबह ग्रामीणों की ओर से पत्थरों से हमला करने की वजह से कम से कम 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए. आईआईटी प्रोजेक्ट साइट पर अधिकारियों के भूमि सीमांकन के प्रयास को ग्रामीणों की ओर से आज फिर बाधित किया गया. पुलिस ने ग्रामीणों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया.

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कानून हाथ में लेने वाले दंडित होंगेः CM 

स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि आईआईटी प्रोजेक्ट को उनके गांव से हटा दिया जाए. ग्रामीण चाहते हैं कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत प्रदर्शन के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सागर एकोस्कर पर लाठीचार्ज और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के लिए एफआईआर दर्ज कराएं.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हत्या की कोशिश करने का एक्ट लगेगा. डिप्टी कलेक्टर और पुलिस मामले को हैंडल करेंगे. सरकार लोगों की ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं कर सकती. कानून अपना काम करेगी, जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में ले लिया. उन्होंने गलत किया. उन्हें दंडित किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि सरकार परियोजना के साथ आगे बढ़ेगी. 

सीमांकन कार्य के दौरान हाथापाई

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसने राज्य भूमि सर्वेक्षण अधिकारियों को प्रस्तावित आईआईटी परियोजना के लिए सीमांकन कार्य जारी रखने से रोक दिया था."

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आईआईटी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण

राजधानी पणजी से लगभग 50 किलोमीटर की दूर शेल-मेलौली और गुलेली गांवों में 10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में आईआईटी-गोवा परिसर प्रस्तावित है. ग्रामीण इस परियोजना का जमकर विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए उनकी कीमती जमीन लूट ली जाएगी.

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पिछले दिनों कहा था कि राज्य सरकार आईआईटी परियोजना को आगे बढ़ाएगी. मंगलवार को उस समय मामला बिगड़ गया जब भूमि सर्वेक्षण अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों के बीच सीमांकन कार्य शुरू किया, जिससे मामूली हाथापाई भी हो गई.

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आज बुधवार की सुबह, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण वन क्षेत्र में एकत्र हो गए थे और उन लोगों ने उस स्थल के प्रवेश द्वार पर मानव श्रृंखला बनाई थी जहां भूमि सर्वेक्षण अधिकारियों के आने की उम्मीद थी. फिर उनका पुलिसकर्मियों के साथ झड़प भी गई.

बाद में सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन स्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर वालपोई शहर में एक सड़क को अवरुद्ध कर दिया. प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की ओर से वालपोई पुलिस थाने के इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग की गई.

कुछ महिला प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संबंधित इंस्पेक्टर ने शेल-मेलौली गांव के पास झड़प के दौरान एक बुजुर्ग महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया था. (इनपुट-हरीश)

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