हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित ‘सेक्स स्कैंडल’ की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने कई चुनौतियां सामने आ रही है. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वायरल किए जा रहे वीडियो में नजर आ रहे पीड़ितों से संपर्क कर उन्हें सामने लाना, तांकि केस को मजबूत किया जा सके. एसआईटी ने वीडियो क्लिप से पहचाने गए कई पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आने को कहा है.
एसआईटी ने एक नई प्रेस रिलीज जारी कर पीड़ितों से आगे आने और अपना विवरण साझा करने का अनुरोध किया है. इतना ही नहीं उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी पहचान और जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा. एसआईटी ने लोगों को वीडियो और तस्वीरें फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मीडिया संस्थानों को मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अत्यधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा गया है.
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एसआईटी की रिलीज में कही गई हैं ये बातें
एसआईटी की तरफ से जो प्रेस रिलीज जारी की गई है, उसमें जो अहम बातें कहीं गई हैं वो इस प्रकार हैं-
1. उक्त मामले से संबंधित किसी भी वीडियो को वेबसाइटों पर (व्हाट्सएप जैसे मैसेंजर ऐप सहित) साझा करना आईटी अधिनियम की धारा 67 (ए) और आईपीसी की धारा 228 ए (1), 292 के तहत दंडनीय अपराध है. निजी मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से साझा करने का भी पता लगाया जा रहा है. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह पीड़िताओं से संबंधित है और महिलाओं की गरिमा और गोपनीयता को कमजोर करता है, जिसे गंभीरता से लिया जाएगा.
2. उक्त मामले में कोई भी पीड़ित व्यक्ति हमारी हेल्पलाइन नंबर- 6360938947 पर कॉल कर सकता है जो जो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित होती है. इस नंबर पर कॉल करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, और उन्हें एसआईटी के दफ्तर आने की भी आवश्यकता नहीं है. पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी जाएगी.
3. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी पीड़ित की पहचान उजागर करने का काम करने वाले मीडिया संगठनों और लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
4. किसी भी यौन हिंसा या बलात्कार के मामले में पीड़ितों को शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी चाहिए. ऐसे मामलों को शर्म नहीं बल्कि अपराध माना जाना चाहिए. यह महसूस किया जाना चाहिए कि पीड़ित की कोई गलती नहीं है; उनका शोषण करने वाले आरोपियों को शर्मिंदा होना चाहिए. समाज के स्वास्थ्य के लिए संवेदनशील वकालत महत्वपूर्ण है. एसआईटी ने इस मामले में बेहद संवेदनशीलता के साथ काम किया है, जिसमें पेशेवर परामर्शदाता, डॉक्टर और एक अनुभवी टीम शामिल है. जनता को भी इस मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए.
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SIT कर रही है पीड़ित महिलाओं से संपर्क करने की कोशिश
आपको बता दें कि कर्नाटक में जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े सेक्स स्कैंडल में SIT जांच कर रही है. यौन उत्पीड़न के कथित वायरल वीडियोज का विश्लेषण करने के बाद एफएसएल रिपोर्ट की समीक्षा की गई. एसआईटी ने कई पीड़ितों की पहचान की है. वे अब महिलाओं से संपर्क साधने की कोशिश में है. लेकिन इन महिलाओं में से कुछ तक पहुंचने में जांच टीम को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. कुछ पीड़िताएं वीडियो में होने से इनकार कर रही हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों और उनके सहयोगियों ने कुछ पीड़ितों को या तो लालच दिया है या दूसरों को उनके खिलाफ बयान देने से रोकने के लिए धमकाया है. एसआईटी अधिकारियों ने इन मामलों पर पर्याप्त जानकारी इकट्ठा कर ली है और महिलाओं को आगे आने पर पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है. प्रज्वल रेवन्ना मामले पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हम कानून में विश्वास करते हैं. ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा और उसे वापस लाया जाएगा, चाहे वह कहीं भी हो. उसकी गतिविधियों का पता चल जाएगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
HD रेवन्ना को गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
बता दें कि सैकड़ों महिलाओं के यौन शौषण के मामले में फंसे पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के बेटे जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना को कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है. उससे एक पीड़ित महिला के अपहरण के मामले में पूछताछ की जा रही है. रेवन्ना के घर में काम करने वाली एक रसोइए की शिकायत के आधार पर पिछले रविवार को हासन जिले के होलेनरसिपुरा पुलिस स्टेशन में बाप-बेटे खिलाफ यौन उत्पीड़न का पहला मामला दर्ज किया गया था.
अपने बयान में उसने एचडी और प्रज्वल पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. इस मामले में 701 महिलाओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर प्रज्वल और एचडी रेवन्ना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पत्र लिखने वाली महिलाओं ने इस मामले में एनसीडब्ल्यू की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया है.
सगाय राज