सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दर्ज की गई है जिसमें कोवैक्सिन (Covxin) लगवा चुके लोगों को कोविशील्ड (Covishield) का टीका लगाने की इजाज़त देने की मांग की गई है. याचिका की सुनवाई कर रहे जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) का कहना है कि यह किस तरह की याचिका है? हम इस तरह से लोगों के जीवन से नहीं खेल सकते. सुप्रीम कोर्ट दीवाली के बाद इस याचिका पर सुनवाई करेगा.
जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ का कहना है कि खबरों से पता चला है कि भारत बायोटेक ने WHO में अपना प्रेजेंटेशन दिया है. इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा, WHO के फैसले का इंतज़ार करिए. कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिकाओं पर दखल देना जोखिम भरा है. इससे अच्छा है परिस्तिथियों को देखा जाए कि क्या हो रहा है.
दरअसल, याचिका में कहा गया है कि हर रोज बहुत से लोगों को निजी, शिक्षा या फिर स्वास्थ्य कारणों से विदेश यात्रा करनी होती है, लेकिन जिन लोगों ने कोवैक्सिन का टीका लगवाया है वे यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि WHO ने अभी तक कोवैक्सिन को मान्यता नहीं दी है.
बता दें कि याचिका लगाने वाले, कार्तिक सेठ, सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ यूके जाकर अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए WHO की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं, जिनकी उम्र 80 के आस-पास है. याचिकाकर्ता के माता-पिता की उम्र 65 और 71 साल है. उनके लिए ये परिस्थिति काफ़ी मुश्किल है.
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