पाक़िस्तान में शहबाज़ शरीफ़ देंगे इस्तीफा, लेकिन चुनाव में क्यों देर होगी?

पाकिस्तान में क्या तीन महीने के अंदर चुनाव हो पाएंगे, तब तक अंतरिम प्रधानमंत्री किसे बनाया जाएगा, न्याय व्यवस्था में बदलाव के लिए स्टैंडिंग कमिटी ने किन बातों पर ज़ोर दिया है, वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में टीम इंडिया ने हार का सिलसिला कैसे तोड़ा? सुनिए 'आज का दिन' में.

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कुमार केशव / Kumar Keshav

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  • 09 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 8:35 AM IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ आज वहां की संसद यानी नेशनल असेंबली को भंग करने की सिफ़ारिश राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) की गठबंधन सरकार ने तय किया है कि सरकार का कार्यकाल पूरा होने से तीन दिन पहले ही असेंबली को डिजॉल्व कर दिया जाए. पीएम शरीफ कल रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय भी गए थे, जहां आर्मी चीफ असीम मुनीर ने उनका स्वागत किया. इसे पीएम शहबाज़ शरीफ़ का फेयरवेल विजिट भी बताया जा रहा है.

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पाकिस्तान का संविधान कहता है कि असेंबली भंग होने के बाद तीन महीने के अंदर चुनाव होने ज़रूरी हैं. और जब तक चुनाव नहीं होते एक केयरटेकर गवर्नमेंट देश का कामकाज देखेगी. हालांकि, अभी केयरटेकर पीएम कौन होंगे उनका नाम तय नहीं हुआ है. नियमों के हिसाब से केयरटेकर पीएम नियुक्त नहीं होने तक शहबाज़ शरीफ़ ही पीएम बने रहेंगे. तो कार्यकाल पूरा होने से तीन दिन पहले ही शहबाज़ ने नेशनल असेंबली को भंग करने की बात क्यों कही और ऐसी स्थिति में इंटरिम पीएम या केयरटेकर पीएम कौन होगा, कौन से नाम हैं जिनकी चर्चा है इस वक़्त पाकिस्तान में और इमरान ख़ान की पार्टी का फ्यूचर कैसा होगा? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें. 

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इधर भारत की संसद का मानसून सत्र अपने शबाब पर है. मोदी सरकार के ख़िलाफ़ इंडिया अलायन्स के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है. इस बीच पार्लियामेंट की एक स्टैंडिंग कमिटी की 'न्यायिक प्रक्रियाओं और उनके सुधारों' पर एक रिपोर्ट सामने आई है. पार्लियामेंट में कई स्टैंडिंग कमिटियां होती हैं हैं, जो अलग अलग डिपार्टमेंट्स को लेकर समय समय पर अपमी रिपोर्ट देती रहती है. तो देश में जुडिशियल प्रोसेस एंड रिफॉर्म्स के मुद्दे पर पिछले साल दिसंबर में लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट की इस स्टैंडिंग कमिटी से रिपोर्ट मांगी गई थी.

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बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी इस कमिटी के अध्यक्ष हैं, अक्रॉस द पार्टीज राज्यसभा के 10 और लोकसभा के 31 सांसद इसके मेंबर्स हैं. डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस से डेटा लेकर, उनसे सवाल-जवाब कर, लॉ कमीशन की रिपोर्ट्स को स्टडी कर इस कमिटी ने ये रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें हायर जुडिशरी को लेकर कुछ गंभीर बातें सुझाई गई हैं. इसमें किन बिंदुओं पर ज़ोर दिया गया है, सुप्रीम कोर्ट के रीजनल बेंच बनाने के पीछे दलीलें क्या दी गई हैं? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें. 

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वेस्टइंडीज़ के खिलाफ दो शुरूआती टी20 मुक़ाबले गंवाने के बाद टीम इंडिया ने तीसरे मैच में ज़बरदस्त वापसी की. कल गुयाना में खेले गए इस मैच को भारत ने सात विकेट से जीत लिया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनने वाली विंडीज़ ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 159 का स्कोर खड़ा किया. भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने तीन विकेट चटकाए. चेज़ करने उतरी इंडियन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और डेब्यूटांट यशस्वी जायसवाल सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए. फिर शुभमन गिल भी सस्ते में निपट गए. लेकिन सूर्यकुमार यादव ने 44 गेंदों में 83 रन की तूफ़ानी पारी खेलकर मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया. तिलक वर्मा ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 49 रन बनाकर नॉट आउट रहे. सूर्या को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 5 मैचों की सीरीज़ को ज़िंदा रखा है, लेकिन ख़तरा पूरी तरह टला नहीं है. वर्ल्ड कप से पहले कौन सी पहेली अबतक उलझी हुई है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें. 

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