सेव ओल्ड गोवा एक्शन कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को पैटो में निवेश संवर्धन बोर्ड (आईपीबी) कार्यालय का दौरा किया और संबंधित नागरिकों से 17,000 आपत्तियां प्राप्त होने के बावजूद कथित तौर पर अवैध रिसॉर्ट परियोजना की मंजूरी पर सवाल उठाया. यह मामला 22 अक्टूबर, 2023 को बोर्ड द्वारा जारी नोटिस से उपजा है, जिसमें 30 दिनों के भीतर परियोजना पर आपत्तियां मंगाई गई थीं.
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सार्वजनिक आक्रोश के बावजूद, 22 दिसंबर, 2023 को हुई बोर्ड बैठक, जिसने उसी समय अधिसूचित अन्य परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया, परियोजना की अस्वीकृति के संबंध में कोई आश्वासन नही दिया. सेव ओल्ड गोवा एक्शन कमेटी ने 13 अक्टूबर, 2023 को एक आरटीआई अनुरोध दायर किया था, जिसमें परियोजना के बारे में विवरण मांगा गया था, लेकिन प्रश्न अनुत्तरित हैं.
समिति ने अपील दायर कर जानकारी मांगी है. समिति के समन्वयक पीटर वीगास ने प्रश्नों के उत्तर न मिलने पर निराशा व्यक्त की. कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि ऑवर लेडी ऑफ द माउंट चैपल, एक ऐतिहासिक स्थल, रखरखाव के लिए नहीं, बल्कि इसके पास की परियोजना के लिए एक साल के लिए बंद कर दिया गया था. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रिसॉर्ट परियोजना बेसिलिका की वास्तुकला की नकल करने के लिए लेटराइट पत्थरों का उपयोग कर रही है.
वीगास ने कहा, 'जब कोई काम नहीं चल रहा है तो चर्च को एक साल तक सार्वजनिक पहुंच से बाहर क्यों रहना चाहिए?' पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सागौन की लकड़ी का उपयोग करके 1.17 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में केवल चर्च की छत की मरम्मत की गई थी. उन्होंने बताया कि प्लास्टर और सफेदी कर दी गई है.
अधिकारियों ने कहा कि सौंदर्यीकरण का चरण आगामी वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित है. सेव ओल्ड गोवा एक्शन कमेटी के सचिव फ्रेडी डायस ने मांग की कि सरकार इस परियोजना को रद्द करे और ओल्ड गोवा के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करे. उन्होंने परियोजना स्थल पर 10,000 वर्ग मीटर के पेड़, एक तीव्र ढलान और बफर क्षेत्र में होने का हवाला देते हुए बोर्ड के सदस्यों की विशेषज्ञता पर सवाल उठाया.
दीपेश त्रिपाठी