बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज हुबली-धारवाड़ के कांग्रेस पार्षद निरंजन हिरेमत के आवास पर जाकर उन्हें सांत्वना दी. निरंजन हिरेमत की बेटी नेहा की उसके कॉलेज परिसर में हत्या कर दी थी. इस दौरान नड्डा ने कहा कि ये दिल दहला देने वाली घटना है, ये मानवता पर गहरा आघात है. बीजेपी इस घटना की निंदा करती है. उन्होंने कहा कि शोक संतप्त परिवार को न्याय मिले, हम इसका पूरा प्रयास करेंगे.
जेपी नड्डा ने कहा कि इस मामले में सीएम सिद्धारमैया और गृह मंत्री जी परमेश्वर के बयान आपत्तिजनक हैं. उनके बयान तुष्टीकरण की पराकाष्ठा हैं. उनके बयान जांच को प्रभावित करने वाला है और जांच पर पर्दा डालने वाला है. उन्होंने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार जिस तरह से तुष्टीकरण कर रही है, उसे कर्नाटक की जनता माफ नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस भी इस घटना की बारीकियों से जांच करे.
अगर इस मामले की जांच करने में राज्य की पुलिस असमर्थ है तो मैं राज्य की सरकार को कहूंगा कि इस मामले को सीबीआई को रेफर करे. इस केस में बीजेपी पूरा समर्थन करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो, ताकि मासूम को न्याय मिल सके और मानवता को भी इंसाफ मिल सके. नेहा के पिता ने भी कहा है कि उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा कम है, उन्होंने भी केस सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की है. इस केस को सख्ती से देखना चाहिए.
18 अप्रैल 2024 शाम 4.45 बजे, बीवीबी कॉलेज, हुबली, कर्नाटक. इन दिनों शहर के इस कॉलेज में इम्तेहान चल रहे हैं. करीब दो महीने तक टायफ़ायड से मुकाबला करने के बाद 24 साल की एमसीए स्टूडेंट नेहा हिरेमत इस रोज अपने एग्ज़ाम के लिए पहली बार कॉलेज आई थी. उसने एग्ज़ाम दिया भी और एग्जाम सेंटर से बाहर निकलने के फौरन बाद उसने फोन पर अपनी मां से बात की. यहां तक सबकुछ ठीक-ठाक था, लेकिन फोन रखने के बमुश्किल पांच मिनट बाद कुछ ऐसा हुआ कि सिर्फ हुबली या आस-पास के इलाके ही नहीं बल्कि पूरा कर्नाटक ही दहल गया.
उस वाकये की तस्वीरें कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों में कुछ यूं क़ैद हो गईं. नेहा एग्ज़ाम सेंटर से बाहर निकली थी, तब तक एक लड़का अचानक उसके सामने आ गया. उसने नेहा से कुछ बात करने की कोशिश की, लेकिन नेहा शायद इसके लिए तैयार नहीं थी, वो पीछे हट रही थी. लेकिन इसी असमंजस और इनकार के बीच लड़के ने कुछ ऐसा किया जो कोई सोच भी नहीं सकता था. उसने अचानक अपनी जेब से एक बड़ा सा चाकू निकाला और नेहा पर टूट पड़ा.
aajtak.in