'...ऐसा एक भी मेडिकल कॉलेज देश में नहीं चलने देंगे', संसद में क्यों भड़के स्वास्थ्य मंत्री 

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डीएमके सांसद टीआर बालू ने सवाल किया जिसका स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया जवाब दे रहे थे. मनसुख मंडाविया जब जवाब दे रहे थे, तभी विपक्ष के सांसद हंगामा करने लगे. इस पर मनसुख मंडाविया भड़क गए.

Advertisement
मनसुख मंडाविया मनसुख मंडाविया

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

संसद के चालू बजट सत्र के नौवें दिन की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में आयुष्मान भारत योजना, मेडिकल कॉलेज और विदेशों से मेडिकल की पढ़ाई के मुद्दे उठे. एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर मनसुख मंडाविया ने साफ किया कि हम ऐसे किसी भी मेडिकल कॉलेज को नहीं चलने देंगे, जहां फैकल्टी न हो. हमने शिकंजा कसा है.

Advertisement

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि गोंदिया में हमने मेडिकल कॉलेज चालू कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम महाराष्ट्र सरकार से बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने लोकसभा में ये भी जानकारी दी कि गोंदिया में कुछ अवरोध के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं किया जा सका है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रतिबद्ध थे और इसे चालू भी करा दिया है. जल्द ही इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित कराया जाएगा.

दिल्ली एम्स को एक्सीलेंस सेंटर बनाने की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वहां रिसर्च किया जाएगा. और इसके बाद उसे अन्य अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे एनीमिया मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के सेक्टर में एक समय ऐसा था जब राज्य सरकारें बजट मांगती थीं आज हमें हर महीने राज्यों से बात करके कहना पड़ता है कि बजट उपलब्ध है, खर्च करिए.

Advertisement

उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए स्वास्थ्य जरूरी है. मोदी सरकार ने इसे विकास से जोड़ा है. कटिहार के सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज को लेकर सवाल किया. इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने बिहार में पहले ही दो एम्स खोले हैं. एक पहले से ही पटना में चालू था. उन्होंने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि जहां से भी मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव आएगा, हम विचार करेंगे.

केरल में मेडिकल कॉलेज से जुड़े सवाल पर कहा कि हमने पहले ही कहा था कि हम मेडिकल कॉलेज खोलने में राज्य सरकारों की हर संभव मदद करेंगे. जम्मू कश्मीर के सांबा में मेडिकल कॉलेज को ऑपरेशनलाइज कराने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसे देख लेता हूं. कर्नाटक के सांसद टीआर बालू ने बगैर फैकल्टी के चल रहे मेडिकल कॉलेजों का मुद्दा उठाया. टीआर बालू ने ये भी सवाल किया देश में कितने ऐसे मेडिकल कॉलेज हैं जिनका शिलान्यास पीएम मोदी ने किया और वे चालू नहीं हो सके हैं.

इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आप गुमराह करना चाह रहे हैं कि मदुरै में एम्स चालू नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि मैं तमिलनाडु की जनता को ये बताना चाहता हूं कि मदुरै में एम्स चालू हो गया है. वहां फैकल्टी है. वहां पढ़ाई चालू हो चुकी है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है. वे टीआर बालू और हंगामा कर रहे विपक्ष के सदस्यों पर भड़क गए और कहा कि हम देश में एक भी ऐसे मेडिकल कॉलेज नहीं चलने देंगे जहां फैकल्टी नहीं है.

Advertisement

विपक्ष के सदस्यों के हंगामे पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने नकेल कसी है और इसी का ये नतीजा है. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मदुरै एम्स को लेकर विस्तार से चर्चा हो चुकी है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement