भारत का 77वां गणतंत्र दिवस आज कर्तव्य पथ पर मनाया जा रहा है, जिसमें करीब 10,000 विशेष अतिथि शामिल होंगे. इस साल परेड में यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे.
दोनों की नई दिल्ली यात्रा 25 से 27 जनवरी तक होगी और इस दौरान भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक बड़े व्यापार समझौते पर साइन होने की संभावना है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है.
कौन हैं उर्सुला वॉन डेर लेयेन?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन जर्मनी की गायनाकोलॉजिस्ट और राजनेता हैं और यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष हैं. उनका जन्म अक्टूबर 1958 में हुआ था और उन्होंने अपने शुरुआती साल ब्रुसेल्स में बिताए. उन्होंने जर्मनी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र पढ़ा और बाद में मेडिसिन की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनीं. वह 2019 में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष बनीं और 2029 तक इस पद पर रहेंगी.
एंटोनियो कोस्टा कौन हैं?
64 वर्षीय एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जिनके पूर्वजों के गोवा और फ्रांस-मोज़ाम्बिक से संबंध हैं. वह दिसंबर 2024 में यूरोपीय परिषद के पहले ऐसे अध्यक्ष बने जो किसी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. नवंबर 2015 से अप्रैल 2024 तक पुर्तगाल के प्रधानमंत्री रहते हुए एंटोनियो कोस्टा ने विदेशी नेताओं, खासकर अफ्रीकी, एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देशों के नेताओं के साथ करीबी संबंध बनाए.
कुशल वार्ताकार माने जाने वाले कोस्टा ने लिस्बन में अप्रत्याशित राजनीतिक गठबंधन भी खड़े किए. उन्होंने यूरोपीय संघ की अन्य राजधानियों में अपने समकक्ष नेताओं के साथ भी मजबूत रिश्ते बनाए, जिनमें हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान भी शामिल हैं. अपने पूर्ववर्ती बेल्जियम के चार्ल्स मिशेल के विपरीत, कोस्टा के यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ करीबी कार्य संबंध हैं.
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