'पाकिस्तान को घोषित किया जाए आतंकी देश', पहलगाम अटैक पर बोले कपिल सिब्बल

कपिल सिब्बल ने कहा कि यह हमला सोची-समझी साजिश थी. बैसारन घाटी पहलगाम से थोड़ा ऊपर है, जहां कार और वाहन के अन्य साधन नहीं पहुंचते. वहां सिर्फ घोड़े और खच्चरों से ही पहुंचा जा सकता है. आतंकियों ने बैसारन घाटी को इसलिए हमले के लिए चुना क्योंकि उन्हें पता था कि हमले की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों को वहां पहुंचने में बहुत समय लगता. तब तक वह आसानी से भाग खड़े हो जाते.

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कपिल सिब्बल कपिल सिब्बल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

पहलगाम आतंकी हमले पर कपिल सिब्बल ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है. सिब्बल ने कहा कि पहलगाम हमला पागलपन और सनक की हद है.

सिब्बल ने कहा कि यह हमला सोची-समझी साजिश थी. बैसारन घाटी पहलगाम से थोड़ा ऊपर है, जहां कार और वाहन के अन्य साधन नहीं पहुंचते. वहां सिर्फ घोड़े और खच्चरों से ही पहुंचा जा सकता है. आतंकियों ने बैसारन घाटी को हमले के लिए इसलिए चुना क्योंकि उन्हें पता था कि हमले की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों को वहां पहुंचने में बहुत समय लगेगा. तब तक वह आसानी से भाग खड़े हो जाएंगे.

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कपिल सिब्बल ने कहा कि आतंकियों ने पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग कर दिया था. उन्होंने यह भी सोच-समझकर किया था. पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने हमले से एक हफ्ते पहले जो बयान दिया था, उस पर गौर करने की जरूरत है. मैं गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह करना चाहता हूं कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमा चलाया जाना चाहिए. मैं गृहमंत्री से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करें और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जाएं. मुझे विश्वास है कि विपक्ष इस पर साथ देगा.

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि आतंकियों ने स्थानीय कश्मीरी आतंकियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स के साथ मिलकर हमले से पहले इलाके की रेकी की थी. हमलावर ने हमले के लिए बैसरन को इसलिए चुना क्योंकि इस इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती नहीं थी. 

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शुरुआती जांच से पता चला है कि आतंकियों ने बॉडीकैम पहने हुए थे. हमलावरों ने इस पूरे हमले की वीडियोग्राफी की. पता चला है कि तीन आतंकियों ने महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग कर दिया था. इसके बाद चुन-चुनकर लोगों को मारा गया. कुछ लोगों को दूर से गोली मारी गई जबकि बाकी को पास से गोली मारी गई. ज्यादा खून बहने से अधिकतर लोगों की मौत हुई. 

जांच में पता चला है कि आतंकियों ने जानबूझकर पहलगाम को हमले के लिए चुना. यहां सुरक्षाबलों की तैनाती नहीं है और हमले के बाद बचाव कार्य में समय लगेगा. आतंकियों ने छिपने के लिए घने जंगल में ठिकाने बना लिए थे. स्थानीय आतंकियों की मदद से आतंकियों ने शायद अब अपनी लोकेशन बदल ली है.

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