जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ होंगे अगले CJI, राष्ट्रपति ने कानून मंत्रालय की सिफारिश पर लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ होंगे. वे देश के 50 सीजेआई के रूप में दायित्व संभालेंगे. चंद्रचूड़ के नाम की सिफारिश वर्तमान सीजेआई यूयू ललित ने की थी.

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सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अगले सीजेआई बनेंगे. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अगले सीजेआई बनेंगे.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 7:46 PM IST

सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ होंगे. वे देश के 50 सीजेआई के रूप में दायित्व संभालेंगे. चंद्रचूड़ के नाम की सिफारिश वर्तमान सीजेआई यूयू ललित ने की थी, जिसके बाद कानून मंत्रालय ने राष्ट्रपति से मंजूरी मांगी थी. सोमवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अपनी मुहर लगा दी है. सीजेआई यूयू ललित 9 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. इस संबंध में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर जानकारी दी है.

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बता दें कि 6 दिन पहले मौजूदा चीफ जस्टिस यूयू ललित ने अपने उत्तराधिकारी यानी देश के अगले CJI के तौर पर केंद्र सरकार से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नाम की सिफारिश की थी. केंद्र को पत्र भेजने से पहले चीफ जस्टिस यूयू ललित ने सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों की मीटिंग बुलाई थी. परंपरा के मुताबिक, देश के मौजूदा सीजेआई अपने उत्तराधिकारी की सिफारिश करने वाला औपचारिक पत्र सरकार को भेजते हैं.

सीनियर जज के नाम की सिफारिश करते हैं सीजेआई

दरअसल, केंद्र सरकार ने CJI यू यू ललित से अगले CJI के नाम की सिफारिश मांगी थी. यूयू ललित का कार्यकाल 8 नवंबर तक है. परंपरा के मुताबिक, CJI दूसरे वरिष्ठतम जज के नाम की सिफारिश सरकार को भेजते हैं. अभी जस्टिस यूयू ललित के बाद जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ दूसरे वरिष्ठतम जज हैं.

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डीवाई चंद्रचूड़ के पिता भी रहे हैं सीजेआई

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ भी CJI रह चुके हैं. लिहाजा यह एकमात्र पिता-पुत्र की जोड़ी है, जो CJI के पद पर पहुंची है. पूर्व CJI वाईवी चंद्रचूड़ 1978 में मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए गए थे. वह 1985 में सेवानिवृत्त हुए थे. इस पद पर 7 साल तक कार्य करने का सबसे लंबा कार्यकाल भी उन्हीं के नाम है.

हार्वर्ड से ली डिग्री, ऐसा रहा सफर 

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से कानून में दो डिग्री प्राप्त की थी. 39 वर्ष की उम्र में वह वरिष्ठ अधिवक्ता बनने वाले भारत के सबसे कम उम्र के वकीलों में से एक थे. इसके बाद 1998 में उन्हें भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया. बतौर वकील उन्होंने ओक्लाहोमा यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय कानून पढ़ाया और 1988 से 1997 तक बॉम्बे यूनिवर्सिटी में तुलनात्मक संवैधानिक कानून में गेस्ट प्रोफेसर रहे. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को 2000 में बॉम्बे हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया गया था. जहां उन्होंने 13 साल तक सेवाएं दीं. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को 2013 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और 3 साल बाद उन्हें शीर्ष अदालत में प्रमोट किया गया था.

 

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