जिरीबाम एनकाउंटर: गोलियों से छलनी शरीर, गायब आंख... पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने

मणिपुर पुलिस ने 11 नवंबर को दावा किया था कि छद्म वर्दीधारी उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर आए और सबसे पहले बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन पर हमला किया. उसके बाद सशस्त्र उग्रवादियों ने जकुराधोर में स्थित सीआरपीएफ कैंप में हमला बोल दिया. सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और कुकी उग्रवादियों को ढेर कर दिया.

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मणिपुर में हिंसा के दौर की एक तस्वीर (फाइल फोटो: PTI) मणिपुर में हिंसा के दौर की एक तस्वीर (फाइल फोटो: PTI)

aajtak.in

  • इम्फाल,
  • 02 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:43 AM IST

मणिपुर के जिरीबाम में मारे गए 11 कुकी उग्रवादियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के अनुसार, उग्रवादियों को कई गोलियां लगी थीं जिनमें से ज्यादातर को पीछे से गोली मारी गई थी. न्यूज एजेंसी के अनुसार, उग्रवादियों के शरीर पर गोलियों की चोटों के अलावा टॉर्चर के कोई अन्य निशान नहीं थे.

मणिपुर पुलिस ने 11 नवंबर को दावा किया था कि छद्म वर्दीधारी उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर आए और सबसे पहले बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन पर हमला किया. उसके बाद सशस्त्र उग्रवादियों ने जकुराधोर में स्थित सीआरपीएफ कैंप में हमला बोल दिया. सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और कुकी उग्रवादियों को ढेर कर दिया.

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नकली वर्दी में थे उग्रवादी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि जब उन्हें असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसएमसीएच) में अटॉप्सी के लिए लाया गया था, तो उनमें से ज्यादातर नकली वर्दी और खाकी पोशाक में थे. दिलचस्प बात यह है कि कुछ शव अगले दिन 12 नवंबर को एसएमसीएच लाए गए, जबकि बाकी 14 नवंबर को अस्पताल पहुंचे जो सड़ने के शुरुआती चरण में थे.

एक दर्जन से भी अधिक गोलियों के निशान

12 नवंबर को जिन शवों का पोस्टमार्टम किया गया, उनकी मौत का अनुमानित समय 24-36 घंटे पहले था, जबकि 14 नवंबर को आए शवों की मौत का अनुमानित समय 72-96 घंटे था. सभी शवों पर कई गोलियों के प्रवेश और निकास के निशान थे, यहां तक ​​कि कुछ मृतकों के शरीर पर एक दर्जन से भी अधिक घाव थे.

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5 दिसंबर को किया जाएगा अंतिम संस्कार

तीन डॉक्टरों के अलग-अलग सेटों द्वारा साइन की गई अटॉप्सी रिपोर्ट के अनुसार, गोलियां युवकों के सिर से लेकर पैर तक उनके शरीर के सभी हिस्सों में लगीं और उनमें से ज्यादातर को पीछे से गोली मारी गई. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ शवों से एक-एक आंख गायब थी. कुकी समुदाय के एक अग्रणी संगठन ने कहा है कि इन शवों का अंतिम संस्कार 5 दिसंबर को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में किया जाएगा.

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