भारतीय रेलवे अमृत कलश ट्रेनें लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर चुका है. रेलवे ये ट्रेनें उन लोगों के लिए लॉन्च कर रहा है जो सरकार के मेरी माटी मेरा देश अभियान के दूसरे चरण के लिए देशभर के अलग-अलग कोनों से अपने गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली की यात्रा करेंगे. इस अभियान में लगभग 20,000 लोग हिस्सा ले रहे हैं. 29 अक्टूबर को ये सभी लोग अपने-अपने गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचेंगे.
इसलिए लाई जा रही देशभर के गांवों से मिट्टी
इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने पिछले सप्ताह रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा को लिखा था कि देशभर के अलग-अलग गांवों से आ रहे लोग अमृत कलश में अपने-अपने गांवों की मिट्टी लेकर आएंगे. ये मिट्टी नई दिल्ली में अमृत वाटिका और आजादी का अमृत महोत्सव स्मारक में योगदान देने के लिए लाई जाएगी. इसी पत्र में लिखा गया कि इस धरती और देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों के सम्मान के प्रतीक के रूप में प्रत्येक घर से देश की मिट्टी एकत्र की जा रही है. इसके अलावा, जहां मिट्टी उपलब्ध नहीं है, वहां लोग चावल का एक दाना दान कर सकते हैं. इसका उपयोग राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बनाई जा रही अमृत वाटिका में किया जाएगा.
सुरक्षा को लेकर भी निर्देश
रेलवे ने 16 अक्टूबर को अपने 17 जोनों को 29 अक्टूबर तक हर राज्य की राजधानी के लिए अमृत कलश ट्रेनों को तैयार करने के निर्देश दिए थे. ये ट्रेनें उन लोगों की सुविधा के लिए चलाई जाएंगी जो अमृत कलश लेकर दिल्ली की यात्रा करेंगे. चूंकि हर राज्य से लोग कई कलश लेकर आएंगे, इसलिए स्टेशनों पर सुरक्षा तंत्र को भी सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
अमृत कलश ट्रेनों को जब रवाना किया जाएगा तो वहां के स्थानीय वीआईपी स्टेशनों पर मौजूद रहेंगे. साथ ही, विशेष रूप से निर्मित 'मिट्टी एंथम' के साथ धूमधाम से इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी. जो लोग अपने-अपने गांवों से मिट्टी लेकर देश की राजधानी आएंगे, वो दिल्ली-गुरुग्राम सीमा क्षेत्रों में रहेंगे, इसलिए इन ट्रेनों के लिए उस इलाके के आस-पास के निकटतम स्टेशनों को चिह्नित किया जा रहा है.
रेलवे ही करेगा वापसी का इंतजाम
भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए रेल मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि ट्रेनों में अनुमानित संख्या से 20 फीसदी अधिक बैठने की जगह की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं. वहीं, तेज आवाजाही के लिए सबसे छोटे संभावित मार्ग भी तैयार किए जा रहे हैं. नई दिल्ली में 31 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम होना है. इसके अलावा, 1 नंवबर को इन लोगों की वापसी के लिए भी रेलवे द्वारा इंतजाम किया जा रहा है.
मंत्रालय की ओर से प्रत्येक राज्य में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं. जोनल रेलवे को ट्रेनों की सूची और उनके मार्गों और पड़ावों का प्रचार भी करने को कहा गया है.
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