इंडियन कोस्ट गार्ड ने शनिवार को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास म्यांमार की एक संदिग्ध नाव को 12 चालकों के साथ पकड़ा है. नाव को पहले एक हेलिकॉप्टर द्वारा देखा गया था. पकड़े गए चालक दल को पूछताछ के लिए पोर्ट ब्लेयर लाया गया है.
बता दें कि अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान-निकोबार को सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल की सौगात दी थी. ये फाइबर केबल चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर तक समुद्र के अंदर बिछाई गई है, जिसकी मदद से अंडमान में अब इंटरनेट की स्पीड काफी तेज होगी.
पीएम ने कहा था कि कोरोना संकट भी काम को पूरा होने से नहीं रोक पाया, देश के इतिहास के लिए अंडमान से जुड़ना और कनेक्टिविटी देना देश का दायित्व था. हमारी कोशिश है कि देश के हर नागरिक की दिल्ली और दिल से दूरियों को खत्म किया जाए, हर व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाई जाएं. मोदी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से अंडमान के लोगों को ईज़ ऑफ लिविंग की सुविधा मिलेगी, साथ ही डिजिटल इंडिया के सभी लाभ मिलेंगे.
भारत ने निभाई थी दोस्ती
सितंबर में भारत ने एक अच्छे पड़ोसी होने का उदाहरण पेश किया था. दरअसल, कच्चे तेल से लदे एक जहाज में आग लगने के बाद श्रीलंका की नेवी ने इंडियन कोस्ट गार्ड से मदद मांगी थी, जिसके बाद भारत ने तुरंत बचाव दल को रवाना किया. भारतीय नौसेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस बात की जानकारी दी गई थी.
मंजीत नेगी