हेलिकॉप्टर हादसा: नायक जितेंद्र के आखिरी दर्शन, बेटे को सीख, इस शख्स की देशभक्ति को करेंगे सलाम

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के नायक जितेंद्र के शव को आज ही भोपाल लाया गया है. ऐसे में भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर दुकान चलाने वाले मुकेश अरगड़े अपने नाबालिग बेटे विनायक के साथ भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे हैं ताकि हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे में जान गंवाने वाले नायक जितेंद्र के अंतिम दर्शन कर सकें और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें.

Advertisement
BHOPAL BHOPAL

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 12 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST
  • हेलिकॉप्टर हादसे में गई थी नायक जितेंद्र की जान
  • नायक जितेंद्र को देना चाहते हैं श्रद्धांजलि

बीते 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) का पत्नी मधुलिका के साथ निधन हो गया. उनके साथ सेना के M-17 हेलिकॉप्टर में अन्य 11 लोग भी हवाई दुर्घटना का शिकार हुए. इनमें मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के एक जवान नायक जितेंद्र भी शामिल थे.

Advertisement

नायक जितेंद्र के शव को आज ही भोपाल लाया गया है. ऐसे में भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दुकान चलाने वाले मुकेश अरगड़े अपने नाबालिग बेटे विनायक के साथ भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे, ताकि हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में जान गंवाने वाले नायक जितेंद्र के अंतिम दर्शन कर सकें और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें.  

मूकेश के बेटे विनायक ने हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए सभी सैन्य कर्मियों की तस्वीरों वाला एक कोलाज हाथ में ले रखा है. मुकेश का कहना है कि वह अपने बेटे को यहां इसलिए लाए हैं ताकि छोटी सी उम्र में उसे देशभक्ति और देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के बारे में जानकारी रहे और उसके अंदर भी देशसेवा का जज़्बा आए.

इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जितेंद्र जी ने मध्यप्रदेश का मान बढ़ाया है. इनका परिवार अब हमारा परिवार है. परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि, पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों की शिक्षा का पूरा ज़िम्मा सरकार का ही होगा.

Advertisement

बता दें कि हादसे में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि एक ग्रुप कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए हैं. जानकारी के मुतबिक, नायक जीतेंद कुमार की सीडीएस बिपिन रावत की सुरक्षा में तैनाती थी. घटना के वक्त वह भी सीडीएस के साथ हेलिकॉप्टर में मौजूद थे. जीतेंद्र सीहोर जिले के धामनदा गांव के रहने वाले थे और सीडीएस बिपिन रावत के पीएसओ थे.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement