किसान आंदोलन: गाजीपुर बॉर्डर का एक हिस्सा खुला, लोगों को राहत

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एक तरफ के रास्ते जोकि दिल्ली से गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ तरफ जाता है, सिर्फ उसी फ्लाईओवर को खोला गया है, लेकिन अगर आप NH24 के रास्ते मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आना चाहते हैं तो वह रास्ता फिलहाल दिल्ली पुलिस की बेरिकेडिंग के चलते बंद है.

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गाजीपुर बॉर्डर (फाइल फोटो) गाजीपुर बॉर्डर (फाइल फोटो)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली ,
  • 15 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 8:46 AM IST
  • गणतंत्र दिवस हिंसा के बाद बंद कर दी गई थी सड़क
  • राहगीरों को घंटों जाम और दूसरे रूटों से जाना पड़ता था
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इकतरफा रूट हुआ ओपन

कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के कारण पिछले काफी वक्त से बंद पड़े दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर के एक हिस्से को आखिरकार रविवार की देर रात खोल दिया गया है. दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जाने वाले इस रूट को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और गाजियाबाद पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों की बातचीत के बाद खोला गया है. दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा भड़कने के बाद से ही इस मार्ग को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया था. 26 जनवरी के दिन जिस तरीके से किसानों का आंदोलन उग्र हुआ, दिल्ली में हिंसा हुई, उसके बाद से ही दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया था ताकि किसान दोबारा दिल्ली की तरफ कूच ना कर सकें.

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आपको बता दें कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एक तरफ के रास्ते जो कि दिल्ली से गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ की तरफ ले जाता है, सिर्फ उसी फ्लाईओवर को खोला गया है, लेकिन अगर आप NH24 के रास्ते मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आना चाहते हैं तो वह रास्ता फिलहाल दिल्ली पुलिस की  बेरिकेटिंग के चलते बंद है. इस रूट पर अभी भी किसान कृषि कानून के खिलाफ डटे हुए हैं.

नेशनल हाईवे के बंद होने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन हाइवे खुलने के बाद एक तरफ से आवाजाही आसान हो गई. बीते 3 महीने से लोग कई घंटों के जाम और दूसरे लंबे रूट से अपने घरों और दफ्तरों की तरफ जा रहे थे. ऐसे में एक रूट के खुलने से लोगों को काफी राहत मिली है. इसके साथ ही यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बाकी रूट को भी खोला जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

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केंद्र सरकार द्वारा तीन नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच गतिरोध अब भी बरकरार है. कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ रहे है. इसी के चलते दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन पिछले साल 26 नवंबर से लगातार जारी है. किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगें मानने की अपील की है. वहीं सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि कानून वापस नहीं होगा.

हालांकि इससे पहले 2 मार्च को दिल्ली-गाजियाबाद की तरफ जाने वाले रूट के एक हिस्से को खोला गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद ही इस रूट को फिर से दिल्ली पुलिस की ओर से बंद कर दिया गया था.

 

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