पूर्व PM मनमोहन सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, इस वजह से UK ने किया सम्मानित

पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह को लंदन में इंडिया-यूके अचीवर्स ऑनर्स द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान आर्थिक और राजनीतिक जीवन में उनके योगदान के लिए दिया गया. डॉ मनमोहन सिंह ने एक लिखित संदेश में कहा, 'मैं इस भाव से बहुत प्रभावित हूं, जो विशेष रूप से युवा लोगों से आ रहा है जो हमारे देश बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों का भविष्य हैं.'

Advertisement
डॉ. मनमोहन सिंह (फाइल फोटो) डॉ. मनमोहन सिंह (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:20 PM IST

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आर्थिक और राजनीतिक जीवन में उनके योगदान के लिए हाल ही में लंदन में इंडिया-यूके अचीवर्स ऑनर्स द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. हालांकि इस अवॉर्ड को लेने के लिए पूर्व पीएम ब्रिटेन नहीं पहुंचे लेकिन यह अवार्ड राष्ट्रीय भारतीय छात्र और पूर्व छात्र संघ (NISAU) यूके द्वारा दिल्ली में डॉ मनमोहन सिंह को सौंपा जाएगा. बता दें कि डॉक्टर मनमोहन सिंह 2004-2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे.

Advertisement

भारत में ब्रिटिश काउंसिल और यूके के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विभाग (डीआईटी) के साथ साझेदारी में राष्ट्रीय भारतीय छात्र और पूर्व छात्र संघ यूके द्वारा इंडिया-यूके एचीवर्स ऑनर्स का आयोजन किया जाता है. जहां ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने वाले भारतीय छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं. इसी दौरान डॉ मनमोहन सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट ऑनर दिए जाने का ऐलान हुआ. यह अवॉर्ड मनमोहन सिंह को ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीज में उनकी अकादमिक उपलब्धियों के लिए दिया गया है.

मनमोहन सिंह ने जारी किया लिखित संदेश

डॉ मनमोहन सिंह ने एक लिखित संदेश में कहा, 'मैं इस भाव से बहुत प्रभावित हूं, जो विशेष रूप से युवा लोगों से आ रहा है जो हमारे देश बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों का भविष्य हैं.'

90 वर्ष की उम्र में अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा, 'भारत-यूके संबंध वास्तव में हमारी शैक्षिक साझेदारी द्वारा विशेष रूप से परिभाषित किए गए हैं. हमारे राष्ट्र के संस्थापक पिता, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर, सरदार पटेल और कई अन्य लोगों ने यूके में अध्ययन किया और आगे चलकर महान नेता बने. यह एक विरासत है जो भारत और दुनिया को प्रेरित करती है. वर्षों से अनगिनत भारतीय छात्रों को ब्रिटेन में अध्ययन करने का अवसर मिला है.'

Advertisement

कई लोगों को मिला सम्मान

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर पहले इंडिया यूके अचीवर्स ऑनर्स में 75 हाई अचीवर्स और कुछ प्रमुख आउटस्टैंडिंग अचीवर्स शामिल हैं, जो भारत-यूके डायस्पोरा लिविंग ब्रिज को मजबूत करते हैं. पूर्व पीएम के अलावा ब्रिटिश भारतीय सहकर्मी लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने 25 जनवरी को पुरस्कार समारोह में लिविंग लीजेंड सम्मान प्राप्त किया. एनआईएसएयू यूके के संरक्षक बिलिमोरिया ने कहा, 'पुरस्कार जीतने वाले सभी लोग लिविंग ब्रिज हैं, जिसके बारे में दोनों देशों द्वारा बात की जाती है. उनकी उपलब्धियां यहां ब्रिटेन और भारत में प्रेरणा पैदा करती हैं.'
  
'साझेदार हैं भारत और यूके'

बता दें कि ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी के सांसद वीरेंद्र शर्मा, जो NISAU यूके के एक अन्य संरक्षक हैं, उन्हें भी लिविंग लीजेंड सम्मान से सम्मानित किया गया. शर्मा ने कहा, 'भारत और यूके प्राकृतिक सहयोगी और मित्र हैं. जहां कभी शोषण पर आधारित संबंध थे, अब लोकतंत्र, उद्योग और प्रौद्योगिकी का प्रतिनिधित्व करने वाले बराबरी की साझेदारी है.'

NISAU यूके के अनुसार, एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा बड़ी संख्या में नामांकनों को एक कठोर चयन प्रक्रिया के माध्यम से पारित किया गया, जिसमें भारत के 75 शीर्ष उपलब्धिकर्ताओं और आठ उत्कृष्ट उपलब्धिकर्ताओं को चुना गया.

NISAU यूके के अध्यक्ष सनम अरोड़ा ने कहा, 'ऑनर्स पर काम करना NISAU UK टीम के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा है. हम हमेशा से जानते हैं कि ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के भारतीय स्नातकों का काम असाधारण था, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमें भी यह एहसास हुआ कि यह दुनिया को कितना बदल रहा है.'

Advertisement

इन लोगों को मिला सम्मान

गौरतलब है कि सम्मानित होने वालों में बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता राघव चड्ढा, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला और भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान शामिल हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement