भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री दो दिवसीय चीन के दौरे पर हैं. उन्होंने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय विभाग के प्रमुख लियू जियानचाओ से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधार के साथ कई और मुद्दों पर बात हुई.
डेढ़ महीने से भी कम समय में भारत की ओर से चीन की यह दूसरी उच्चस्तरीय यात्रा है. विदेश सचिव विक्रम मिश्री की बीजिंग यात्रा से भारत-चीन संबंध और बेहतर होने की उम्मीद है. दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाने और विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक तंत्र को पुनः बहाल कर रहे हैं.
चीन ने विदेश सचिव का स्वागत किया
चीन ने भारत के विदेश सचिव मिस्री की यात्रा का स्वागत किया और कहा कि आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम होंगे. एलएसी पर 2020 से जारी गतिरोध खत्म होने के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं और अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर लगातार जारी है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने चीन की राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हम चीन और भारत के बीच विदेश सचिव-उप मंत्री की बैठक के लिए विदेश सचिव विक्रम मिस्री की चीन यात्रा का स्वागत करते हैं.
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आपसी संबंध में सुधार हुआ है
माओ ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रूस के कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हुई थी. इस दौरान आपसी संबंधों को बेहतर बनाने पर सहमति बनी थी. इसके अलावा बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आम सहमति बनी थी. उन्होंने कहा कि हाल ही में दोनों पक्षों ने आपसी संबंध को और बेहतर करने के लिए काम किया है.
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बता दें कि भारत और चीन के बीच विदेश सचिव- उपमंत्री की बैठक के लिए विदेश सचिव विक्रम मिस्री 26-27 जनवरी को बीजिंग की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. अजीत डोभाल की बीजिंग यात्रा के बाद विदेश सचिव की यात्रा दूसरी हाई-लेवल यात्रा होगी.
शिवानी शर्मा