'तीनों कानून चूर-चूर'... सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में इन जोशीले नारों से युवा भर रहे जोश

"बच्चा-बच्चा झोंक देंगे, जमीन का कब्जा रोक देंगे." और "तीनों कानून चूर-चूर, सौदा-सौदा नहीं मंजूर." जैसे नारे लिखकर युवा किसान आंदोलन में शामिल लोगों में जोश भरने का काम कर रहे हैं.

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किसान आंदोलन में शामिल युवा (फ़ोटो- आजतक) किसान आंदोलन में शामिल युवा (फ़ोटो- आजतक)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली ,
  • 19 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST
  • किसान आंदोलन में जोशीले नारे लिख रहे हैं युवा
  • कई प्रदेशों के युवाओं का है ग्रुप
  • सिंघु बॉर्डर पर किसानों के साथ धरने में शामिल

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें काफी संख्या में युवा भी शामिल हैं. ऐसी ही एक युवा हैं राजवीर, जो कि सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल लोगों में नारों के जरिए एक अलग ही अंदाज में जोश भरने का काम कर रही हैं. "बच्चा-बच्चा झोंक देंगे, जमीन का कब्जा रोक देंगे." और "तीनों कानून चूर-चूर, सौदा-सौदा नहीं मंजूर." जैसे नारे उन्हीं में शामिल हैं, जिनको चार्ट पर लिखकर राजवीर किसान आंदोलन को अपने तरीके से धार देने की कोशिश कर रही हैं. 

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पंजाब के एक मजदूर की बेटी, राजवीर जब चार्ट पर ऐसे नारों को लिखती हैं तो उनकी कलम तलवार से भी शक्तिशाली मालूम होती है. सिंघु बॉर्डर पर वह दिन और रात किसानों के साथ प्रदर्शन में बैठती हैं. राजवीर कहती हैं, "हम इस मिट्टी की बेटियां हैं, यह आंदोलन न केवल किसानों को प्रभावित करता है बल्कि आम लोगों को भी प्रभावित करता है...मेरे पिता एक मजदूर हैं और वे अपने पूरी जिंदगी खेतों में काम करते रहे हैं... इसलिए मैं भी कहीं न कहीं इससे जुड़ी हुई हूं."

किसान आंदोलन के लिए नारों का चार्ट तैयार करती युवती

बता दें कि पंजाब के जिला मुक्सर की राजवीर दिल्ली विश्वविद्यालय में PHD की स्टूडेंट हैं. वह पंजाबी साहित्य पर रिसर्च कर रही हैं. इसी के चलते वो पंजाबी स्टाइल में आकर्षक पंचलाइन बना रही हैं, जो धरना स्थल पर काफी चर्चित हो रही हैं.

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किसान आंदोलन के लिए चार्ट को अंतिम रूप देते युवा

युवा वॉलंटियर रोजाना इसी तरह के सैकड़ों पोस्टर बना रहे हैं. जिसके चलते धरना स्थल पर युवाओं का ये स्टॉल काफी लोकप्रिय हो गया है. यहां पर लोग अपने मनमुताबिक पोस्टर बनवाने के लिए आते हैं. कोई पोस्टर को अपने ट्रैक्टर ट्रॉली पर लगाता है तो कोई टेंट पर लटकाता है. 

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राजवीर क्रांतिकारी भगत सिंह को अपनी प्रेरणा मानती हैं... कॉलेज में भी वह भगत सिंह एकता मंच की सदस्य हैं. वह कहती हैं कि, 'भगत सिंह ने देश के लिए अपनी जान दे दी, अगर हम देश से बाहर चले गए तो देश की देखभाल कौन करेगा ... हमें अन्याय के लिए खड़े होने की जरूरत है.'

किसान आंदोलन के लिए युवाओं की ओर से तैयार चार्ट

राजवीर के साथ एक और छात्र बलतेज भी पोस्टर में नारे लिखते नजर आते हैं. उनके पिता 15 एकड़ जमीन के मालिक हैं और वो भी किसान आंदोलन में शामिल होने पंजाब से दिल्ली आए हैं. बलतेज कहते हैं कि  'मैं किसानों, प्रदर्शनकारियों का स्केच बनाता हूं.. यह मेरा शौक है. मेरे पिता घर वापस आ गए हैं, इसलिए अब मैं यहां हूं ... जब तक मेरी जरूरत है मैं यहां रहूंगा.' 

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वहीं, उत्तर प्रदेश की रहने वाली और दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा संगीता हिंदी में स्लोगन लिखती हैं. विभिन्न राज्यों के छात्र अपनी-अपनी मातृभाषा में नारे लिखते हैं. कुल मिलाकर किसान आंदोलन में युवाओं का ये स्टॉल खासा लोकप्रिय है.  

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