किसान संगठन एक बार फिर दिल्ली कूच करने जा रहे हैं. आज ट्रेन, बस, प्लेन समेत हर रूट से किसान दिल्ली कूच करेंगे. इन किसानों का दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डालने का इरादा है. दरअसल, सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल की अगुवाई वाले संगठनों ने देशभर के किसानों से दिल्ली पहुंचने की अपील की थी. उन्होंने कहा थी कि जो किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से दिल्ली नहीं पहुंच सकते, उन्हें ट्रेनों से दिल्ली पहुंचना चाहिए. पंजाब और हरियाणा के किसानों के इतर उन्होंने देशभर के किसानों से एमएसपी की मांग के लिए सरकार पर दबाव बनाने की अपील की थी.
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के सभी निर्धारित विरोध कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. आदेशों के मुताबिक किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर विरोध स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह आदेश 26 फरवरी से लागू किया गया है और अभी भी प्रभावी है और जरूरत के अनुसार इसे बढ़ाया जाएगा.
आज किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर है. नई दिल्ली जिला और सेंट्रल दिल्ली में पुलिस का बंदोबस्त पुख्ता है. हालांकि, इस दौरान जाम के भी हालात भी बन सकते हैं. नई दिल्ली इलाके में किसी भी तरह के प्रदर्शन की कोई इजाजत नहीं है. अगर कोई शख्स दिल्ली में प्रदर्शन करता है तो उसे डिटेन कर लिया जाएगा. रेलवे पुलिस भी अलर्ट पर है. दिल्ली पुलिस को खुफिया सूत्रों की जानकारी के मुताबिक किसान छोटे-छोटे ग्रुप में ट्रेन के जरिए या फिर बस से दिल्ली पहुंच सकते हैं.
किसान नेता पंढेर ने कहा था कि दूर-दराज के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से दिल्ली नहीं पहुंच सकते हैं. ऐसे में उन्हें ट्रेन से पहुंचना चाहिए और एमएसपी के लिए सरकार पर दबाव बनाना चाहिए. साथ ही उन्होंने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी थी. किसानों के दिल्ली कूच के बाद 10 मार्च को रेल रोको आंदोलन कर सकते हैं, जहां चार घंटे के लिए देशभर में वे रेल रोक कर अपना विरोध दर्ज कर सकते हैं.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 3 मार्च को पंजाब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों से दिल्ली पहुंचने की अपील की थी. उन्होंने 10 मार्च को 'रेल रोको' आंदोलन की अपील की है. उन्होंने कहा था कि पहले से चल रहे विरोध स्थल पर भी किसानों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
नई दिल्ली इलाके में किसी भी तरह के प्रदर्शन की कोई इजाजत नहीं है. मसलन, अगर कोई शख्स नई दिल्ली में प्रदर्शन करेगा तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है. दिल्ली पुलिस को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि छोटे-छोटे ग्रुप में ट्रेन या बस से किसान दिल्ली पहुंच सकते हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पहुंचने वाले किसानों की संख्या कम ही रह सकती है.