पाकिस्तानी महिला से शादी छिपाने के आरोप में सीआरपीएफ से बर्खास्त जवान मुनीर अहमद ने सफाई दी है. जम्मू के घरोटा निवासी अहमद ने कहा कि उसने पिछले साल मुख्यालय से अनुमति मिलने के एक महीने बाद अपनी ममेरी बहन मीनल खान से ऑनलाइन शादी की थी. उन्होंने बर्खास्तगी को अदालत में चुनौती देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीआरपीएफ से मामले पर पुनर्विचार की अपील की.
मुनीर अहमद ने दावा किया, "मैंने सभी औपचारिकताएं पूरी कीं. मेरी पत्नी मेरे मामा की बेटी है, जो 1947 में बंटवारे के दौरान पाकिस्तान चले गए."
उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रेम संबंधों की खबरों को झूठा बताया. सीआरपीएफ ने उनकी शादी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक मानते हुए उन्हें बर्खास्त किया.
अहमद ने बताया कि 31 दिसंबर 2022 को उन्होंने शादी की अनुमति मांगी और 30 अप्रैल 2024 को अनुमति मिली. 24 मई 2023 को वीडियो कॉल के जरिए शादी हुई, जिसके दस्तावेज उनकी 72वीं बटालियन को सौंपे गए.
मीनल खान 28 फरवरी को भारत आईं, लेकिन उनका अल्पकालिक वीजा 14 मार्च को समाप्त हो गया. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने उनके दीर्घकालिक वीजा आवेदन पर विचार करते हुए निर्वासन पर रोक लगा दी.
अहमद ने कहा, "मुझे मीडिया से बर्खास्तगी की खबर मिली, जो मेरे परिवार के लिए झटका था." 27 मार्च को उनका तबादला भोपाल की 41वीं बटालियन में किया गया, जहां उन्होंने शादी का उल्लेख दस्तावेजों में किया. वे जल्द ही अदालत का रुख करेंगे. अहमद ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
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