'वन रैंक वन पेंशन स्कीम और पुरानी डिसेबिलिटी पेंशन लागू करे सरकार', कांग्रेस की केंद्र से मांग

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस हेड क्वार्टर में कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की एक ही मांग वन रैंक, वन पेंशन स्कीम है, जिसे यूपीए सरकार ने दोनों सदनों में पास किया था. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में वन रैंक, वन पेंशन के लिए पूरा मसौदा तैयार किया गया था. इस पर कुल खर्च 8,300 करोड़ रुपये आना था. मोदी सरकार ने इसे 2015 में लागू किया. लेकिन इसके कई पहलू हटा दिए और कुल 5,300 करोड़ खर्च पास किया गया.

Advertisement
 सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

राहुल गौतम

  • नई दिल्ली ,
  • 29 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:21 PM IST

कांग्रेस ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के समर्थन में केंद्र सरकार से कई मांगें की हैं. कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी ने यूपीए सरकार द्वारा पास की गई वन रैंक, वन पेंशन स्कीम और पुरानी डिसेबिलिटी पेंशन लागू करने, पूर्व सैनिकों के इलाज के लिए मेडिकल स्कीम के 6 हजार करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है.

Advertisement

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस हेड क्वार्टर में कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की एक ही मांग वन रैंक, वन पेंशन स्कीम है, जिसे यूपीए सरकार ने दोनों सदनों में पास किया था. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में वन रैंक, वन पेंशन के लिए पूरा मसौदा तैयार किया गया था. इस पर कुल खर्च 8,300 करोड़ रुपये आना था. मोदी सरकार ने इसे 2015 में लागू किया. लेकिन इसके कई पहलू हटा दिए और कुल 5,300 करोड़ खर्च पास किया गया.

उन्होंने कहा कि  ओआरओपी-2 आने के बाद यह राशि 23 हजार करोड़ रुपये होनी चाहिए थी. रक्षा मंत्रालय की 23 दिसंबर 2022 की प्रेजेंटेशन में कहा गया था कि वन रैंक, वन पेंशन के लिए 23,000 करोड़ रुपये निर्धारित हैं, अक्टूबर 2023 में राजस्थान चुनाव के दौरान झुंझुनूं की रैली में पीएम मोदी ने बताया कि 70 हजार करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. अभी कुछ दिन पहले रेवाड़ी में रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि एक लाख करोड़ से ज्यादा दिए जा चुके हैं. लेकिन कुल 23 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. 

Advertisement

रोहित चौधरी ने कहा कि आज सभी सैनिक और पूर्व सैनिक नाराज हैं, क्योंकि केंद्र सरकार ने ओआरओपी-1 के बाद ओआरओपी-2 के अंदर विसंगतियां पैदा कर दी हैं. जेसीओ जवानों को साढ़े 12 हजार रुपये हर महीने के हिसाब से कम मिल रहा है. केंद्र सरकार ने डिसेबिलिटी पेंशन खत्म कर इसे इम्पेयरमेंट रिलीफ का नाम दे दिया है. पहले अगर किसी सैनिक को डिसेबिलिटी पेंशन मिलती थी, तो उसके देहांत के बाद परिवार को पेंशन मिलती थी, जो कि इनकम टैक्स के दायरे से भी बाहर थी, लेकिन अब सैनिक के देहांत के बाद पेंशन में कटौती कर दी जाएगी. 

उन्होंने कहा कि डिसेबिलिटी पेंशन जिस सैनिक को मिल रही थी, उसके खिलाफ रक्षा मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट जा रहा है. आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने डिसेबल सैनिकों के हक में जो फैसले किए हैं, उन फैसलों के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा पीआईएल दायर की गई है, इसे वापस लिया जाना चाहिए और सैनिकों को सम्मान दिया जाना चाहिए.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement