अबूझमाड़ के घने जंगलों में 60 KM अंदर जाकर 800 जवानों ने घेरा डाला, 10 नक्सलियों के खात्मे वाले ऑपरेशन की पूरी कहानी

छत्तीसगढ़ की महाराष्ट्र से सटी सीमा पर कुछ नक्सलियों के होने की सूचना मिली थी. इस इनपुट के बाद ही इस माड़ बचाओ अभियान को शुरू किया गया था. इस ऑपरेशन को डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 240 और स्पेशल टास्क फोर्स के 590 सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर अंजाम दिया था. 

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Chattisgarh Anti Naxal Operation Chattisgarh Anti Naxal Operation

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और कांकेर जिलों में सुरक्षाबलों ने एक विशेष ऑपरेशन में कई नक्सलियों को ढेर कर दिया था. 800 पुलिसकर्मियों की एक संयुक्त टीम ने घने जंगलों में 60 किलोमीटर तक पैदल अंदर घुसकर नक्सलियों का सफाया किया था. 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन ने इस मिथक को तोड़ दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि अबूझमाड़ नक्सलियों का गढ़ है. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि ऑपरेशन माड़ बचाओ अभियान (ऑपरेशन सेव अबूझमाड़) को 28 अप्रैल की रात शुरू किया गया था.

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दरअसल महाराष्ट्र से सटी सीमा पर कुछ नक्सलियों के होने की सूचना मिली थी. इस इनपुट के बाद ही इस माड़ बचाओ अभियान को शुरू किया गया था. इस ऑपरेशन को डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 240 और स्पेशल टास्क फोर्स के 590 सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर अंजाम दिया था. 

उन्होंने बताया कि इन टीमों ने पैदल ही घने जंगलों के भीतर 60 किलोमीटर जाकर नक्सलियों का सफाया किया था. इस ऑपरेशन में जुटी टीम नक्सलियों के कैंप तक पहुंच गई थी और मंगलवार सुबह चार बजे टेकमेटा-काकुर गांवों के पास घेराबंदी की. 

इस दौरान नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई. दोनों ओर से अगले 16 घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही. बाद में तीन महिलाओं सहित दस नक्सलियों के शव बरामद किए गए. इनमें से अधिकतर नक्सली गढ़चिरौली डिविजन से थे.

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डीआरजी, एसटीएफ और सीमा सुरक्षाबल इस क्षेत्र में अब एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन चला रही है. इन दस नक्सलियों में से अब तक आठ की पहचान हो चुकी है. इन सभी पर 63-63 लाख रुपये का ईनाम था. पुलिस ने बताया कि मारे गए नक्सलियों के पास से एके-47 और इंसास राइफल के अलावा भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी बरादम हुए हैं.

अधिकारी ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में तेलंगाना के नक्सलियों की विशेष जोनल कमेटी के सदस्य जोगन्ना उर्फ घिस्सू (66), डिविजनल कमेटी सदस्य मल्लेश उर्फ उंगा मडकम (41), तेलंगाना के विनय उर्फ रवि (55) और एरिया कमेटी सदस्य और जोगन्ना की पत्नी संगीता डोगे अत्राम (36) शामिल थे.

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में जोगन्ना के खिलाफ  कम से कम 196 मामले दर्ज हैं, उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम है. इसी तरह, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मल्लेश के खिलाफ 43 मामले और विनय के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं. 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि संगीता के सिर पर पांच लाख रुपए का इनाम है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, दो 303 राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक समेत अन्य सामान बरामद किया गया है.

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा नक्सली ठिकानों से विस्फोटक सामग्री, प्रेशर कुकर, कोडेक्स तार, कंप्यूटर, प्रिंटर, जेसीबी खुदाई मशीन और अन्य सामान बरामद किया गया है.

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इस साल अब तक 91 नक्सली ढेर

इस साल एंटी-नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 91 नक्सलियों को मार गिराया है. ये सारे नक्सली बस्तर रीजन में मारे गए हैं, जिसमें नारायणपुर और कांकेर समेत सात जिले आते हैं. इन नक्सलियों के पास भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए गए हैं.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार के ऑपरेशन पर कहा कि नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. उनकी बहादुरी और साहस को सलाम है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है. उन्होंने ये भी कहा कि वो इस समस्या को बातचीत के माध्यम से भी सुलझाना चाहते हैं.

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