प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल पर कोर्ट ने देशद्रोह के मुकदमे में आरोप तय कर दिए हैं. पटियाला हाउस कोर्ट ने यासीन भटकल पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के मामले में आरोप तय किए हैं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने यासीन भटकल और मोहम्मद दानिश अंसारी समेत 11 लोगो को आरोपी बनाया है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आरोपियों पर देशद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. आरोप तय करने के लिए हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ही लगता है कि आरोपी इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य थे और उन्होंने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए आपराधिक साजिश रची थी.
कोर्ट ने कहा कि यासीन भटकल और अन्य आरोपी भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने से लेकर उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए की गई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे. कोर्ट ने कहा कि सबूतों के मुताबिक यासीन भटकल की चैट से सूरत में न्यूक्लियर बम प्लानिंग के बारे में खुलासा होता है.
कोर्ट ने कहा कि इस न्यूक्लियर ब्लास्ट से पहले वहां से मुसलमानों को हटाने की योजना भी बनाई गई थी. कोर्ट ने कहा कि यासीन भटकल न केवल एक बड़ी साजिश में शामिल था बल्कि IED को बनाने में भी सहायता की थी.
किस मामले में अरेस्ट हुआ था भटकल?
21 फ़रवरी 2013 को हैदराबाद के दिलसुखनगर में 2 धमाके हुए थे. इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी. 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. ये दोनों धमाकों में IED का इस्तेमाल किया गया था. इस केस में कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल, पाकिस्तानी नागरिक ज़िया उर रहमान और तीन अन्य को फांसी की सजा सुनाई थी. यासीन भटकल एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है. यासीन को साल 2013 में बिहार में नेपाल की सीमा से लगे इलाक़े से अरेस्ट किया गया था. भटकल उत्तरी कर्नाटक के भटकल गांव का रहने वाला है.
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अरविंद ओझा