चंडीगढ़ में आज होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव फिलहाल के लिए टाल दिए गए हैं. लेकिन इसे लेकर अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन आना बाकी है. पार्षदों को चुनाव टालने के बारे में वॉट्सऐप के जरिए मैसेज भेजकर सूचित किया गया. उन्हें अगला संदेश आने तक नगर निगम के सदन में आने से मना किया गया है. बता दें कि चंडीगढ़ मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव सुबह 11 बजे से शुरू होना था. लेकिन बीजेपी का कोई पार्षद निगम कार्यालय नहीं पहुंचा.
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों को निगम कार्यालय में एंट्री नहीं दी गई. यहां पहुंचे पार्षदों को बताया गया कि प्रीसाइडिंग ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किए गए मनोनीत पार्षद अनिल मसीह की तबीयत बिगड़ने के कारण चुनाव अगले आदेश तक टाल दिए गए हैं. यह खबर सुनने के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया. पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्कामुक्की भी हुई. AAP के नेता राघव चड्ढा ने इसे लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने इंडिया ब्लाॅक के सामने चुनाव पूर्व ही हार मान ली है और इसलिए गंदी राजनीति पर उतर आई है.
विपक्षी गठबंधन ने भाजपा की नींद उड़ा दी: राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने कहा, ’भाजपा की हालत उस बच्चे की तरह हो गयी है, जो गली क्रिकेट में आउट होने के बाद रोते हुए बैट लेकर वापस चला जाता है. भाजपा की मेयर के इलेक्शन में इंडिया ब्लाॅक के सामने करारी हार होने वाली थी. विपक्षी गठबंधन ने मेयर के छोटे से चुनाव में ही भाजपा की नींद उड़ा दी. कायर भाजपा इंडिया ब्लाॅक की जीत देखते हुए तिलमिला गयी है. इसलिए चुनाव टाल दिया. इससे अंदाजा लग सकता है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में इनका क्या हश्र होगा. हम इसके खिलाफ कोर्ट जा रहे हैं’.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'अपनी अपरिहार्य हार को देखते हुए भाजपा ने चंडीगढ़ में अपनी गंदी चालें चलाने की मशीनरी शुरू कर दी है. अगर हमारे देश में इस तरह की चुनाव प्रणाली है तो यह बेहद हतोत्साहित करने वाली बात है. भाजपा सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर चंडीगढ़ में मेयर चुनाव टालने की पुरजोर कोशिश कर रही है. हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे'.
मेयर चुनाव साथ लड़ रहे AAP और कांग्रेस
चंडीगढ़ के मेयर चुनाव मेंआम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने साझा उम्मीदवार उतारे हैं. चंडीगढ़ के मेयर का पद फिलहाल भारतीय जनता पार्टी बीजेपी के पास है. बता दें कि पिछले 8 साल से चंडीगढ़ में बीजेपी का ही मेयर रहा है. लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के हाथ मिलाने से समीकरण बदल गए हैं. चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 सदस्य हैं. बीजेपी 14 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. वहीं, आम आदमी पार्टी के 13 पार्षद हैं. कांग्रेस के 7 और शिरोमणि अकाली दल का 1 पार्षद है. चंडीगढ़ के सांसद को भी मेयर चुनाव में मतदान का अधिकार होता है. चंडीगढ़ की वर्तमान सांसद भाजपा की किरण खेर हैं.
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में क्या कहते हैं आंकड़े?
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पास संयुक्त रूप से 20 पार्षद हैं. बीजेपी के पास 14 पार्षद और सांसद किरण खेर को मिलाकर 15 वोट हैं. अगर शिअद मेयर इलेक्शन में बीजेपी का साथ देती है तो उसके एक पार्षद का वोट जोड़ने पर भी भगवा पार्टी के पास कुल 16 मत होते हैं. इस तरह नंबर गेम में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आगे नजर आती हैं. मेयर पद के लिए मनोज सोनकर बीजेपी के उम्मीदवार हैं. वहीं इंडिया ब्लाॅक की ओर से आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार टीटा मैदान में हैं. सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए बीजेपी के कुलजीत संधू और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गाबी, डिप्टी मेयर के लिए बीजेपी के राजिंदर शर्मा और कांग्रेस की निर्मला देवी के बीच सीधा मुकाबला है.
कमलजीत संधू