कार्यस्थलों पर कर्मचारियों के परिजन भी लगवा सकेंगे टीका, सरकार ने दी अनुमति

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि कार्यस्थल पर बने कोविड टीकाकरण केंद्रों पर कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों और आश्रितों को भी कोविड-19 टीकाकरण से कवर किया जा सकता है.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

स्नेहा मोरदानी

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2021,
  • अपडेटेड 12:48 AM IST
  • कर्मचारियों के परिजनों-आश्रितों को भी लग सकता है टीका
  • 6 अप्रैल को केंद्र का कार्यस्थलों पर टीकाकरण के लिए निर्देश जारी
  • 21 अप्रैल को राज्यों, निजी अस्पतालों को वैक्सीन खरीदने की अनुमति

कोरोना संकट के बीच टीकाकरण अभियान जारी है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निजी कार्यस्थल जो अपने कर्मचारियों के लिए कोविड-19 टीकाकरण अभियान का आयोजन कर रहे हैं, वे अपने कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों के लिए भी टीकाकरण अभियान का विस्तार कर सकते हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि कार्यस्थल पर कोविड टीकाकरण केंद्रों पर कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों और आश्रितों को भी कोविड-19 टीकाकरण से कवर किया जा सकता है.

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मंत्रालय ने कहा कि इन टीकाकरणों के लिए, निजी कार्यस्थलों को उन निजी अस्पतालों से टीके की खुराक खरीदनी होगी, जिनके साथ संबंधित नियोक्ता (कंपनी) ने टीकाकरण के लिए करार किया है.

मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा कि सरकारी कार्यस्थल सीवीसी के लिए, 45 साल या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सप्लाई की जाने वाली मुफ्त वैक्सीन डोज के माध्यम से कवर किया जा सकता है. वैक्सीन निर्माताओं से संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश सरकार द्वारा सीधे खरीदी गई खुराक के जरिए 18 से 44 साल के आयु वर्ग के लाभार्थियों को टीके के माध्यम से कवर किया जा सकता है. 

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6 अप्रैल को केंद्र ने सरकारी और निजी कार्यस्थलों पर कोविड-19 टीकाकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे. दिशा-निर्देशों के तहत कार्यस्थलों को अपने कर्मचारियों के लिए कोविड टीकाकरण केंद्र आयोजित करने की अनुमति दी गई थी.

इसके बाद 21 अप्रैल को सरकार ने 'लिबराइज्ड प्राइसिंग एंड एस्सलेरेटेड नेशनल कोविड-19 वैक्सीनेशन स्ट्रेटेजी' की घोषणा की थी. इसके तहत राज्यों, निजी अस्पतालों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने-अपने अस्पतालों के माध्यम से सीधे निर्माताओं से वैक्सीन की डोज खरीदने की अनुमति दी गई थी.

 

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