बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिलाओं पर दिए गए बयान पर AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश का बयान वल्गर है. विधानसभा पवित्र जगह होती है. वो आम रोड पर बैठकर या किसी घर में बैठकर गुफ्तगू करने की जगह नहीं है. हालांकि नीतीश कुमार ने विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह अपने बयान पर दुख जताते हुए आहत हुए लोगों से माफी मांग ली है.
ओवैसी ने कहा, "वो एक प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. वहां पर वो जिस तरीके से बोले, ये एक वल्गर किस्म की भाषा है. इसको वो कह सकते थे कि महिलाएं जितनी ज्यादा पढ़ेंगी, उसके बाद वो तय कर पाएंगी कि औलाद कब पैदा करनी है. बजाय इसके उन्होंने जिस तरह डिस्क्राइब किया है, ये बिलकुल सही नहीं हैं."
हैदराबाद सांसद ने कहा, "उन्हें इस बात का लिहाज करना चाहिए था कि आप कहां खड़े होकर बोल रहे हैं. वो बिहार की विधानसभा है, वो सिनेमा थिएटर नहीं है कि लोग वहां कोई पिक्चर देखने आ रहे हैं, जिसमें एडल्ट सर्टिफिकेट दिया गया है. इसको समझना चाहिए."
ललन सिंह ने पूछा- क्या आपत्तिजनक बयान है?
वहीं जेडीयू चीफ और मुंगेर से सांसद ललन सिंह ने नीतीश के बयान पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसे कुछ नहीं मिलता, उसको यही सब नजर आता है. ललन सिंह ने कहा, "क्या आपत्तिजनक बयान दिया है. हर आदमी जानता है. अपने बाल बच्चा का शादी सब करता है तो अपने वंश को बढ़ाने के लिए ही तो करता है तो सीएम ने भी वही कह दिया तो क्या विवाद है? जिसको कुछ नहीं मिलता है उसको यही सब नजर आता है."
NCW चीफ रेखा शर्मा बोलीं- अपमानजनक
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री के बयान को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अपमानजनक बताया है. उन्होंने कहा, हम इससे बेहद चिंतित हैं... जिस तरह उन्होंने विधानसभा में बात रखी, वह विधानसभा में सी ग्रेड फिल्म के डायलॉग जैसा था."
NCW चीफ ने कहा, सबसे बुरी बात यह थी कि उनके पीछे बैठे पुरुष हंस रहे थे. उनकी हरकतें और हावभाव लगभग एक भद्दे मजाक की तरह थे. सबसे बुरी बात यह है कि विधानसभा स्पीकर ने अभी तक नहीं हटाया है. बिहार विधानसभा अध्यक्ष को इस पर विचार करना चाहिए उनके खिलाफ कदम उठाए जाने चाहिए, उनके बयानों को वापस लिया जाना चाहिए.
नीतीश कुमार ने क्या कहा?
बिहार विधानसभा में मंगलवार को बोलते हुए नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण सिद्धांत को समझाया. नीतीश ने जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि महिलाओं की शिक्षा ने राज्य में जनसंख्या को नियंत्रित करने में मदद की है. लेकिन जब उन्होंने इस पर विस्तार से बोलना शुरू किया, तो हर कोई हैरान रह गया. नीतीश ने कहा, 'शादी के बाद पुरुष पत्नी से यौन संबंध बनाने को बोलते हैं. लेकिन जैसा कि हमने बिहार की महिलाओं को शिक्षित किया है, वो सही समय पर अपने पति को ऐसा करने से रोक लेती हैं. जिसके कारण बिहार की जनसंख्या नियंत्रण में है.'
aajtak.in