सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बंगाल का HIRA असंवैधानिक, लागू रहेगा RERA

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये कानून रेरा के खिलाफ है. जब संसद का बनाया रेरा कानून है तो ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार एक समानांतर कानून की रूपरेखा तैयार नहीं कर सकती.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

संजय शर्मा / नलिनी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2021,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST
  • सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया एचआईआरए
  • बंगाल ने रेरा लागू करने से किया था इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट (एचआईआरए) 2017 को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मंगलवार को बंगाल के एचआईआरए कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को रद्द कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट असंवैधानिक है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये कानून रेरा के खिलाफ है. जब संसद का बनाया रेरा कानून है तो ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार एक समानांतर कानून की रूपरेखा तैयार नहीं कर सकती. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट (HIRA) 2017 को रद्द कर दिया और कहा कि एचआईआरए असंवैधानिक है. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि किसी विषय पर यदि संसद ने कानून बनाया है तो राज्य विधानसमंडल उस विषय पर कानून नहीं बना सकता.

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सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इसने एक समानांतर तंत्र का निर्माण किया जो असंगत है. गौरतलब है कि एक गैर सरकारी संगठन ने बंगाल सरकार की ओर से लागू किए गए इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी. संगठन की ओर से कहा गया था कि इससे मकान खरीदने वालों को काफी नुकसान हुआ है. बता दें कि बंगाल सरकार ने रेरा को लागू करने से इनकार कर दिया था और अपना कानून बनाया था.

 

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