राजस्थान साधने की तैयारी में बीजेपी, अर्जुनराम मेघवाल को कानून मंत्री बनाने के क्या मायने?

बीजेपी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ लेकर राजस्थान में अपनी नजर जमाए हुए है. खासतौर पर राजस्थान पर भाजपा का अधिक फोकस है. अर्जुनराम मेघवाल को कानून मंत्री बनाए जाने के बाद से इसकी चर्चा और भी तेजी से शुरू हो गई है. मेघवाल समुदाय आज भी बड़ी संख्या में कांग्रेस को वोट करता है, लेकिन अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीटों पर बीजेपी इनकी मदद से जीत हासिल कर लेती है.

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अर्जुनराम मेघवाल (फाइल फोटो) अर्जुनराम मेघवाल (फाइल फोटो)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 18 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:40 PM IST

कर्नाटक चुनाव खत्म होते ही बीजेपी का पूरा फोकस अब राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पर है. राजस्थान के बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल को कानून मंत्री बनाया गया है. हालांकि राज्य की राजनीति में चर्चा थी कि उन्हें केंद्र की राजनीति से हटाकर राजस्थान भेजा जाएगा और वहां इलेक्शन कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया जाएगा. राजस्थान में बड़ी संख्या में दलित और खासकर मेघवाल आज भी कांग्रेस के साथ हैं.  ऐसे में जनता में अर्जुनराम मेघवाल को दलित चेहरा बनाने की बात तय मानी जा रही थी, लेकिन इन्हें केंद्र में ही बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई है. इससे वसुंधरा गुट को भी राहत मिली है क्योंकि वसुंधरा राजे के लिए उनका गुट लंबे समय से कैंपेन कमेटी के मुखिया के पद की आस लगाए बैठा है.

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राज्य में 60 फीसदी हैं मेघवाल
राजस्थान में दलित करीब 16 फीसदी हैं और इनमें 60 फीसदी आबादी मेघवालों की है. हालांकि अर्जुनराम मेघवाल के बीकानेर लोकसभा सीट से लगती श्रीगंगानगर लोकसभा सीट पर भी बीजेपी के दलित सांसद निहालचंद मेघवाल 6 बार से लोकसभा सीट जीत रहे हैं और 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनते समय मोदी सरकार में मंत्रि मंडल में शामिल किए गए थे. हालांकि बलात्कार का आरोप लगने के बाद निहालचंद को हटाकर तीसरी बार सांसद बने अर्जुनराम मेघवाल को मंत्री बनाया गया. मेघवाल बीकानेर के इलाके से आनेवाले बीजेपी के पूर्वउपमुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा के ओएसडी बनने के बाद से राजनीति में रुचि लेने लगे. बाद में राज्य प्रशाशनिक सेवा से प्रमोट होकर वो कलेक्टर भी बने.

कांग्रेस को वोट करता है मेघवाल समुदाय
बता दें कि मेघवाल समुदाय आज भी बड़ी संख्या में कांग्रेस को वोट करता है, लेकिन अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीटों पर बीजेपी इनकी मदद से जीत हासिल कर लेती है.  सियासी हलके में कई बार, अर्जुनराम मेघवाल की जनता में पकड़ बहुत मजबूत नहीं मानी जाती है, क्योंकि वह अफसर थे और वीआरएस लेकर राजनीति में आए थे. मगर सांगठनिक दृष्टि से ये मजबूत माने जाते हैं.  बीजेपी ने राजस्थान चुनाव के लिए बनाई अपनी कोर कमेटी में भी इन्हें शामिल किया है. हालांकि कानून मंत्री बनाए जाने के पीछे उनके प्रशासनिक अनुभव को माना जा रहा है.

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मीणा समुदाय को हाथ लगी उदासी
हालांकि दूसरी तरफ आदिवासी यानी मीणा समुदाय को उदासी हाथ लगी है जहां माना जा रहा था कि डाक्टर किरोड़ीलाल मीणा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. मीणा समुदाय आज भी बड़ी संख्या में कांग्रेस को वोट देता है. राज्य की राजनीति में डाक्टर किरोड़ीलाल मीणा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की खूब चर्चा थी.

 

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